Source -TTOI
नई दिल्ली: भारत सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद का निर्यात पूरी तरह से बंद नहीं किया जाता, तब तक सिंधु जल संधि (IWT) पर कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी। सरकार ने यह कड़ा संदेश ऐसे समय में दिया है जब सीमा पार से लगातार आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “भारत की नीति स्पष्ट है – जब तक पाकिस्तान अपनी धरती से आतंकवाद का समर्थन और निर्यात बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि पर कोई सकारात्मक प्रगति नहीं होगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के हित में लिया गया है।
सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी, जो दोनों देशों के बीच जल बंटवारे की रूपरेखा तय करती है। हालांकि, हाल के वर्षों में पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद के समर्थन और भारत में हमलों के चलते इस संधि पर पुनर्विचार की मांग बढ़ी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा और उसे आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
