Source -TOI
काबुल, 19 मई 2025 — अफगानिस्तान में सोमवार सुबह एक और भूकंप आया, जिससे देश में चार दिनों के भीतर चौथा झटका महसूस किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप सुबह 8:54 बजे IST पर आया, जिसकी तीव्रता 4.2 मापी गई और यह 140 किलोमीटर की गहराई पर था
इस ताजा भूकंप ने पहले से ही संकटग्रस्त अफगानिस्तान में भूगर्भीय अस्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले सप्ताह, पश्चिमी अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में 6.3 तीव्रता के चार शक्तिशाली भूकंप आए, जिनमें 1,300 से अधिक लोगों की मौत हुई और 1,800 से अधिक घायल हुए, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे।
भूगर्भीय विशेषज्ञों का मानना है कि ये भूकंप एक ही फॉल्ट सिस्टम के विभिन्न हिस्सों में आए, जिससे यह संकेत मिलता है कि एक भूकंप से उत्पन्न तनाव ने अन्य भूकंपों को प्रेरित किया।
इन लगातार भूकंपों ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया है, जो अब खुले में या अस्थायी टेंटों में रहने को मजबूर हैं, जहां वे तेज हवाओं और धूल भरी आंधियों के संपर्क में हैं।
अफगानिस्तान की भौगोलिक स्थिति इसे भूकंपों के लिए अत्यधिक संवेदनशील बनाती है, विशेष रूप से हिंदू कुश पर्वतीय क्षेत्र, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं।
इस संकट के बीच, अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास प्रयासों को तेज किया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में भूगर्भीय अस्थिरता को देखते हुए, निकट भविष्य में और भूकंपों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
