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वॉशिंगटन डीसी — अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर चर्चा में हैं, इस बार दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ ओवल ऑफिस में हुई बैठक को लेकर। इससे पहले ट्रंप की यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ हुई विवादास्पद बातचीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी थी। अब एक बार फिर से उनकी आक्रामक और अप्रत्याशित रणनीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में ट्रंप और रामाफोसा के बीच हुई बैठक में ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका की नीतियों, व्यापार समझौतों और रूस से संबंधों को लेकर तीखे सवाल पूछे और दबाव बनाने की कोशिश की। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब वैश्विक कूटनीति में पारदर्शिता और सम्मानजनक संवाद की उम्मीद की जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह शैली एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है जिसमें वे दूसरे नेताओं को असहज कर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना चाहते हैं। वर्ष 2019 में ज़ेलेंस्की के साथ ट्रंप की बातचीत ने अमेरिकी कांग्रेस में महाभियोग तक की स्थिति बना दी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप की यह ‘अंबुश डिप्लोमेसी’ वैश्विक नेताओं के लिए एक नई चुनौती बन सकती है। यदि वह 2024 के चुनाव में फिर से सत्ता में आते हैं, तो यह कूटनीतिक दृष्टिकोण नई विश्व व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
