Source The Hindu
प्रसिद्ध अभिनेता राणा दग्गुबाती ने हाल ही में कमल हासन द्वारा कन्नड़ भाषा को तमिल से उत्पन्न बताने वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिससे दक्षिण भारत में विवाद उत्पन्न हुआ। राणा ने कहा कि अभिनेता समाज के जीवन के तरीके के लिए प्रवक्ता नहीं होते। उनका मुख्य कार्य किरदारों को निभाना और कहानियाँ प्रस्तुत करना है, न कि सामाजिक मूल्यों या अपेक्षाओं का मार्गदर्शन करना।
कमल हासन के बयान के बाद कर्नाटक में व्यापक विरोध हुआ, जिसमें कन्नड़ भाषा की विरासत को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई। कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (KFCC) ने हासन से सार्वजनिक माफी की मांग की, अन्यथा उनकी आगामी फिल्म ‘ठग लाइफ’ की राज्य में रिलीज़ रोकने की चेतावनी दी।
इस विवाद के बीच, राणा दग्गुबाती ने यह स्पष्ट किया कि कलाकारों को सामाजिक मुद्दों पर प्रवक्ता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य कार्य कहानियाँ प्रस्तुत करना है, न कि सामाजिक मूल्यों या अपेक्षाओं का मार्गदर्शन करना।
इस बीच, राणा दग्गुबाती अपनी आगामी वेब सीरीज़ ‘राणा नायडू’ के नए सीज़न की तैयारी कर रहे हैं, जो पारिवारिक संबंधों और भावनात्मक जटिलताओं की गहराई से पड़ताल करेगा।
कमल हासन ने भी अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए KFCC के अध्यक्ष को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया और उन्हें इस बात का दुख है।
यह विवाद भारतीय फिल्म उद्योग में भाषा और सांस्कृतिक पहचान के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करता है, और कलाकारों की भूमिका पर एक नई बहस को जन्म देता है।
