SOURCE India Today
लखनऊ, 5 जून 2025 — हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस इस वर्ष “प्लास्टिक प्रदूषण को हराएं” (#BeatPlasticPollution) थीम के साथ आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या के प्रति वैश्विक जागरूकता फैलाना और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
इतिहास और महत्व
विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी, और पहली बार 1973 में इसे मनाया गया। यह दिन पर्यावरण संरक्षण के प्रति वैश्विक समुदाय को एकजुट करने का सबसे बड़ा मंच बन चुका है, जिसमें 150 से अधिक देश भाग लेते हैं। इस वर्ष, यह दिवस अपनी 51वीं वर्षगांठ मना रहा है।
मेज़बान देश: दक्षिण कोरिया
2025 में विश्व पर्यावरण दिवस की मेज़बानी दक्षिण कोरिया कर रहा है, विशेष रूप से जेजू प्रांत में। यह दूसरी बार है जब कोरिया इस वैश्विक आयोजन की मेज़बानी कर रहा है; पहली बार 1997 में “पृथ्वी पर जीवन के लिए” थीम के तहत किया गया था। पिछले 28 वर्षों में, कोरिया ने जल और वायु गुणवत्ता में सुधार, रसायनों का सुरक्षित प्रबंधन, और पारिस्थितिकी तंत्रों की सुरक्षा और पुनर्स्थापन में उल्लेखनीय प्रगति की है।
पोस्टर विचार और रचनात्मक पहल
इस वर्ष की थीम के अनुरूप, स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों में पोस्टर प्रतियोगिताएं और जागरूकता अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। कुछ प्रेरणादायक पोस्टर विचारों में शामिल हैं:
“प्लास्टिक नहीं, प्रकृति हाँ”
“प्लास्टिक को ना कहें, पृथ्वी को बचाएं”
“हरित भविष्य के लिए प्लास्टिक मुक्त जीवन”
इन पोस्टरों के माध्यम से लोगों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और पुनः उपयोग एवं पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
निष्कर्ष
विश्व पर्यावरण दिवस 2025 हमें याद दिलाता है कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारों या संगठनों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति का कर्तव्य है। प्लास्टिक प्रदूषण को हराने के लिए हमें अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करने होंगे, जैसे कि पुनः उपयोग योग्य बैग का उपयोग, प्लास्टिक की बोतलों से बचना, और कचरे का सही तरीके से निपटान।
आइए, इस पर्यावरण दिवस पर हम सभी संकल्प लें कि हम अपने पर्यावरण की रक्षा के लिए सक्रिय कदम उठाएंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ पृथ्वी छोड़ेंगे।
