Source The Hindu
जम्मू/ कत्रा, 6 जून 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जम्मू-कश्मीर के रीसी जिले में अपने पहले दौरे के तहत कई ऐतिहासिक परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें प्रमुख है कत्रा–स्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस का झण्डा ओटना, साथ ही USBRL (उधमपुर–सरीनगर–बरामूला रेलवे लिंक) परियोजना की अंतिम कड़ी के रूप में चेनाब और अंजी खद पुलों का लोकार्पण।
🎯 प्रमुख अंश:
वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन
पीएम मोदी ने कत्रा से स्रीनगर की ओर चलने वाली दो वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाओं का उद्घाटन किया, जिससे यात्रा समय मात्र 3 घंटे में सीमित हुआ ।
USBRL परियोजना का समापन
यह परियोजना अब पूरी हो चुकी है। इसमें कुल 272 कि॰मी॰ ट्रैक, 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं, जिसकी लागत लगभग ₹43,780 करोड़ रही ।
चैनाब पुल
दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च ब्रिज, जिसकी ऊँचाई 359 मीटर है—यह एफिल टावर से भी ऊँचा है—का उद्घाटन किया गया ।
अंजी खद पुल
भारत का पहला केबल-स्टे–रेलवे पुल जिसे पीएम मोदी ने समर्पित किया ।
परियोजनाओं का महत्व
USBRL के पूरा होने के साथ कश्मीर घाटी को अब वर्ष भर रेल मार्ग से देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने में मदद मिलेगी। इन कदमों से न केवल यात्री सुविधा बढ़ेगी बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बल मिलेगा
कत्रा/ रीसी, 6 जून 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जम्मू–कश्मीर के रीसी जिले में कई बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया, जिनमें कत्रा से स्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का झण्डा जारी करना प्रमुख है। यह उद्घाटन USBRL (उधमपुर–सरीनगर–बरामूला रेल लिंक) परियोजना के समापन के साथ हुआ, जिसका प्रारंभ 42 वर्ष पहले हुआ था ।
टीम USBRL में 272 कि॰मी॰ ट्रैक, 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं, जो अपने आप में एक इंजीनियरिंग चमत्कार है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹43,780 करोड़ रही है ।
पीएम मोदी ने दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च ब्रिज — चैनाब ब्रिज — और देश का पहला केबल-स्टे–रेलवे पुल — अंजी खद ब्रिज — का भी अवलोकन और उद्घाटन किया। चैनाब ब्रिज की ऊँचाई 359 मीटर है, जो एफिल टावर से भी अधिक है ।
हमारी वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा अब कत्रा से स्रीनगर मात्र तीन घंटे में पहुँचेगी, और यह जम्मू और कश्मीर के लिए एक महत्वपूर्ण गेमचेंजर साबित होगी। इस सेवा का नियमित संचालन 7 जून 2025 से शुरू हो जाएगा ।
इन सभी पहलों का उद्देश्य जम्मू–कश्मीर को वर्ष–भर रेल मार्ग से जोड़ना, क्षेत्रीय विकास को तेज करना और राज्य के आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाना है।
