नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र की ताजातरीन रिपोर्ट के अनुसार, भारत की जनसंख्या अब 1.46 बिलियन (146 करोड़) के करीब पहुंच चुकी है। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि देश में प्रजनन दर अब प्रतिस्थापन दर से नीचे आ गई है, जो वैश्विक जनसंख्या स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।
संयुक्त राष्ट्र के ‘2025 वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कुल प्रजनन दर (TFR) अब 2.0 के करीब हो गई है, जो प्रतिस्थापन दर (2.1) से कम है। प्रतिस्थापन दर वह दर है, जिस पर एक पीढ़ी अपनी जगह पर दूसरी पीढ़ी को स्थापित करती है। यह आंकड़ा भारत के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, क्योंकि पहले देश की प्रजनन दर बहुत अधिक थी।
भारत में प्रजनन दर में इस गिरावट के कई कारण हैं, जिसमें महिला सशक्तिकरण, शिक्षा का स्तर बढ़ना, और परिवार नियोजन के उपायों का बढ़ता प्रचलन प्रमुख हैं। इसके साथ ही शहरीकरण और महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी में वृद्धि भी इसका एक प्रमुख कारण है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत की जनसंख्या वृद्धि में मंदी आ रही है, और आने वाले दशकों में यह वृद्धि धीमी पड़ने का अनुमान है। हालांकि, इस समय तक भारत विश्व की सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश बन चुका है, जबकि चीन की जनसंख्या में भी कमी आ रही है।
