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ढाका/लंदन: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 2026 में बनने वाली अगली निर्वाचित सरकार में किसी भी भूमिका का हिस्सा नहीं होंगे। उन्होंने यह भी खुलासा किया है कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की ऑनलाइन टिप्पणियों पर रोक लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन मोदी ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि “यह सोशल मीडिया है, हम इसे नियंत्रित नहीं कर सकते।”
लंदन स्थित चैथम हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए यूनुस ने बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत में रहते हुए दी जा रही टिप्पणियों पर अपनी चिंता व्यक्त की। यूनुस ने कहा कि हसीना के ऑनलाइन भाषणों से बांग्लादेश में “गुस्सा और बेचैनी” बढ़ रही है, जिससे देश में एक विस्फोटक स्थिति बन गई है।
यूनुस ने दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से सीधे अपील की थी कि वे हसीना को बांग्लादेशी लोगों को संबोधित करने से रोकें, क्योंकि उनकी बातें जनता के बीच अशांति फैला रही हैं। हालांकि, यूनुस के अनुसार, मोदी ने इस अनुरोध को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि सोशल मीडिया को नियंत्रित करना संभव नहीं है। यूनुस ने इस जवाब पर निराशा व्यक्त की, यह कहते हुए कि “आप क्या कह सकते हैं? यह एक विस्फोटक स्थिति है।”
अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में, मुहम्मद यूनुस का प्राथमिक उद्देश्य बांग्लादेश में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य लोकतांत्रिक सत्ता का सुचारु हस्तांतरण सुनिश्चित करना है और उनके मंत्रिमंडल का कोई भी सदस्य अगली निर्वाचित सरकार का हिस्सा नहीं बनना चाहता। यूनुस ने अवामी लीग पर युवाओं की हत्या करने, लोगों को गायब करने और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए, जिससे पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बांग्लादेश में फिलहाल राजनीतिक उथल-पुथल का माहौल है। पिछले साल शेख हसीना सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद उन्हें देश छोड़कर जाना पड़ा था। यूनुस सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने और कट्टरपंथियों पर कार्रवाई करने का वादा किया है, लेकिन चुनाव की समय-सीमा को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। सेना प्रमुख जनरल वकार उज जमां ने दिसंबर 2025 तक चुनाव कराने पर जोर दिया है, जबकि यूनुस ने 2026 तक चुनाव होने की बात कही है। इस खींचतान ने यूनुस सरकार के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
