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नई दिल्ली: 11 जून, 2025 की रात को आसमान में एक अद्भुत खगोलीय घटना देखने को मिली, जब ‘स्ट्रॉबेरी मून’ ने दुनिया भर के आकाश को अपनी रोशनी से जगमग कर दिया। जून महीने की पूर्णिमा को पारंपरिक रूप से स्ट्रॉबेरी मून के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध में जंगली स्ट्रॉबेरी के पकने का संकेत होता है। इस साल का स्ट्रॉबेरी मून कई मायनों में खास रहा, और दुनिया भर के फोटोग्राफरों ने इसकी 11 मनमोहक तस्वीरें खींची हैं।
इस साल का स्ट्रॉबेरी मून ‘मेजर लूनर स्टैंडस्टिल’ (Major Lunar Standstill) नामक एक दुर्लभ घटना के कारण और भी विशेष था, जो लगभग 18.6 वर्षों में एक बार होता है। इस घटना के कारण चंद्रमा आसमान में सामान्य से अधिक नीचा दिखाई दिया, जिससे यह और भी विशाल और नारंगी-सुनहरे रंग का प्रतीत हुआ। वायुमंडल से गुजरने वाली प्रकाश तरंगों के कारण यह हल्का नारंगी या लाल रंग का भी दिखाई दिया, हालांकि इसके नाम का संबंध इसके रंग से नहीं, बल्कि स्ट्रॉबेरी की कटाई से है।
दुनिया के विभिन्न हिस्सों से ली गई इन तस्वीरों में चंद्रमा की सुंदरता और उसकी भव्यता कैद हो गई है। न्यूयॉर्क शहर के क्षितिज के ऊपर चमकता हुआ चंद्रमा हो, एथेंस के प्राचीन एक्रोपोलिस के ऊपर से उगता हुआ दृश्य, या सिडनी में एक हवाई जहाज के सामने से गुजरता हुआ, हर तस्वीर अपने आप में एक कहानी बयां करती है। ये तस्वीरें खगोल प्रेमियों और आम जनता दोनों के लिए एक यादगार अनुभव रही हैं।
भारत में भी, 10 और 11 जून की शाम को स्ट्रॉबेरी मून का अद्भुत नजारा देखा गया। विशेष रूप से सूर्यास्त के बाद, जब चंद्रमा दक्षिण-पूर्वी आकाश में उगना शुरू हुआ, तो इसने एक गर्म, सुनहरा चमक बिखेरी। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे शहरों में भी लोगों ने इस अद्भुत घटना को देखा और अपनी यादों में कैद किया।
यह दुर्लभ खगोलीय घटना अब 2043 से पहले फिर से देखने को नहीं मिलेगी, जिसने इसे इस पीढ़ी के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बना दिया है। इन तस्वीरों के माध्यम से, हम उस रात के जादू को फिर से जी सकते हैं, जब स्ट्रॉबेरी मून ने पूरी दुनिया को अपनी अलौकिक सुंदरता से मंत्रमुग्ध कर दिया था।
