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अहमदाबाद, [14 जून 2025]: अहमदाबाद में हाल ही में हुई दर्दनाक एयर इंडिया विमान दुर्घटना को लेकर केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति आगामी तीन महीनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इस भयावह त्रासदी में 241 लोगों की जान चली गई थी, जिसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे।
गुरुवार को अहमदाबाद के रिहायशी इलाके में लंदन जा रहे एयर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई थी। घटना के तुरंत बाद बचाव और राहत कार्य शुरू किए गए, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा गठित यह उच्च-स्तरीय समिति गृह सचिव की अध्यक्षता में होगी। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त सचिव स्तर से नीचे के प्रतिनिधि शामिल नहीं होंगे। समिति का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के मूल कारणों का पता लगाना है। इसमें यांत्रिक खराबी, मानवीय त्रुटि, मौसम की स्थिति, नियामक अनुपालन और अन्य संभावित कारकों का गहन मूल्यांकन किया जाएगा।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह समिति मौजूदा मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) और ऐसी घटनाओं को रोकने और उनसे निपटने के लिए जारी किए गए दिशानिर्देशों की जांच करेगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक दिशानिर्देशों का सुझाव भी देगी।
यह स्पष्ट किया गया है कि यह समिति अन्य संबंधित संगठनों द्वारा की जा रही जांच का विकल्प नहीं होगी, बल्कि इसका ध्यान भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और उनसे निपटने के लिए SOPs तैयार करने पर केंद्रित होगा। समिति को उड़ान डेटा, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर, विमान रखरखाव रिकॉर्ड, एटीसी लॉग और गवाहों के बयानों सहित सभी आवश्यक रिकॉर्ड तक पहुंच होगी। यह मौके का निरीक्षण करेगी और चालक दल, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और संबंधित कर्मियों से पूछताछ भी करेगी।
ब्लैक बॉक्स, जिसमें डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) शामिल हैं, दुर्घटनास्थल के पास एक छत से बरामद कर लिया गया है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया है कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने डेटा को डीकोड करना शुरू कर दिया है।
इस समिति का गठन देश में विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल को बढ़ाने और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। उम्मीद है कि तीन महीने में आने वाली रिपोर्ट से न केवल इस दुखद घटना के कारणों का खुलासा होगा, बल्कि भारत की विमानन सुरक्षा प्रणाली में सुधार के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें भी मिलेंगी।
