अहमदाबाद, [14 जून, 2025]: अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आज बड़ा खुलासा किया है। मंत्रालय ने बताया कि उड़ान भरने के तुरंत बाद, करीब 650 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ही विमान नीचे गिरने लगा था और पायलट का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को भेजा गया आखिरी संदेश “मेडे” था।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI-171 ने दोपहर 1:39 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड के भीतर, जब विमान ने लगभग 650 फीट की ऊंचाई हासिल की, तो वह अचानक ऊंचाई खोने लगा, यानी नीचे गिरने लगा।
इसी दौरान, विमान के कैप्टन सुमित सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव सुंदर ने अहमदाबाद ATC को “मेडे” का आपातकालीन संदेश भेजा, जिसका अर्थ होता है ‘मेरी मदद करो’ और यह एक गंभीर आपात स्थिति का संकेत होता है। हालांकि, ATC द्वारा संपर्क करने का प्रयास किए जाने पर विमान से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
मंत्रालय के अनुसार, “मेडे” संदेश भेजने के ठीक एक मिनट बाद, विमान हवाई अड्डे से लगभग 2 किलोमीटर दूर मेधानीनगर में एक कॉलेज छात्रों के छात्रावास पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई, जबकि जमीन पर भी कई लोगों की जान गई है।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस घटना को एक त्रासदी बताते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है, और इसकी जांच से दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रहा है और भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि विमान के उड़ान भरने के दौरान थ्रस्ट न मिलने या तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ होगा। एयर इंडिया के सभी 787-8 ड्रीमलाइनर विमानों की जांच की जा रही है।
