Source India Today
श्रीनगर: ईरान में फंसे जम्मू-कश्मीर के सैकड़ों छात्रों को वतन वापसी के बाद घटिया परिवहन सुविधाओं का सामना करना पड़ा। बताया गया है कि इन छात्रों को ले जाने के लिए जो बसें उपलब्ध कराई गईं, वे बेहद खराब स्थिति में थीं, जिनमें न तो उचित साफ-सफाई थी और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों, जिनमें बड़ी संख्या में जम्मू-कश्मीर के छात्र भी शामिल थे, को वापस लाने का अभियान चलाया। छात्रों को विमान से भारत लाया गया, लेकिन हवाई अड्डों से उन्हें उनके गृह जिलों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जो बसें मुहैया कराई गईं, उनकी हालत अत्यंत दयनीय थी। छात्रों ने सोशल मीडिया पर बसों की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें टूटी सीटें, गंदगी और वेंटिलेशन की कमी साफ देखी जा सकती थी।
एक छात्र ने बताया, “हम उम्मीद कर रहे थे कि वतन वापसी के बाद हमें थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन इन बसों में यात्रा करना किसी और मुसीबत से कम नहीं था। बसों में सैनिटाइज़र तक नहीं था और सामाजिक दूरी का पालन करना भी मुश्किल था।” कई छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं।
इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के छात्रों को घटिया बसों में ले जाया जा रहा है, यह बेहद शर्मनाक है। सरकार को इन छात्रों की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित करना चाहिए था। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने नागरिकों का ख्याल रखें, खासकर ऐसे मुश्किल समय में।”
अब्दुल्ला ने सरकार से इस मामले की जांच करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए बेहतर योजना बनाई जानी चाहिए।
राज्य प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन छात्रों और राजनीतिक नेताओं के दबाव के बाद, उम्मीद है कि इस मुद्दे पर जल्द ही ध्यान दिया जाएगा और छात्रों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
