SOURCE astrobiology
लखनऊ, [21 June 2025] – वैज्ञानिकों ने हाल ही में पृथ्वी के ऑक्सीजन और इसके चुंबकीय क्षेत्र के बीच एक आश्चर्यजनक संबंध की खोज की है, जो हमारे ग्रह के इतिहास और भविष्य को समझने के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है। यह नई जानकारी न केवल पृथ्वी पर जीवन के विकास को लेकर हमारी समझ को बढ़ाती है, बल्कि सौर मंडल में अन्य ग्रहों पर जीवन की संभावनाओं पर भी प्रकाश डालती है।
अब तक, यह माना जाता रहा है कि पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र मुख्य रूप से कोर में पिघले हुए लोहे की गति से उत्पन्न होता है, जो हमें हानिकारक सौर विकिरण से बचाता है। हालांकि, नए शोध से पता चलता है कि पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में ऑक्सीजन भी इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अध्ययन, जो प्रतिष्ठित पत्रिका ‘नेचर जियोसाइंसेज’ में प्रकाशित हुआ है, ने दिखाया है कि कैसे ऊपरी वायुमंडल में आयनीकृत ऑक्सीजन कण चुंबकीय क्षेत्र की गतिशीलता को प्रभावित कर सकते हैं। शोधकर्ताओं ने जटिल कंप्यूटर सिमुलेशन और उपग्रह डेटा का उपयोग करके पाया कि ये ऑक्सीजन आयन चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के साथ चलते हैं, जिससे उनकी संरचना और शक्ति में बदलाव होता है।
इस खोज के कई महत्वपूर्ण निहितार्थ हैं। सबसे पहले, यह पृथ्वी के भू-चुंबकीय उत्क्रमण (Geomagnetic Reversals) की हमारी समझ को बदल सकता है, जब चुंबकीय ध्रुव अपनी स्थिति बदलते हैं। यदि ऑक्सीजन इस प्रक्रिया में शामिल है, तो यह उत्क्रमण की आवृत्ति और तीव्रता को प्रभावित कर सकता है।
दूसरे, यह हमें पृथ्वी पर जीवन के विकास के बारे में नई जानकारी देता है। ऑक्सीजन पृथ्वी के वायुमंडल का एक महत्वपूर्ण घटक है और जीवन के लिए आवश्यक है। यदि ऑक्सीजन और चुंबकीय क्षेत्र के बीच सीधा संबंध है, तो यह सुझाव दे सकता है कि दोनों का विकास एक दूसरे से जुड़ा हुआ था, जिससे पृथ्वी पर जीवन के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनीं।
तीसरे, यह खोज अन्य ग्रहों पर जीवन की खोज के लिए भी प्रासंगिक है। मंगल जैसे ग्रह, जिनके पास कभी पानी और सघन वायुमंडल था, लेकिन अब कमजोर चुंबकीय क्षेत्र हैं, इस अध्ययन से लाभ उठा सकते हैं। यदि एक ग्रह के वायुमंडल में ऑक्सीजन की उपस्थिति उसके चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है, तो यह भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण सुराग प्रदान कर सकता है।
हालांकि यह शोध अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन यह निश्चित रूप से भूविज्ञान और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में आगे के अध्ययनों के लिए एक नया द्वार खोलता है। वैज्ञानिक अब इन संबंधों की बारीकियों को समझने और यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि यह नई जानकारी हमारे ग्रह को कैसे प्रभावित कर सकती हैं।
