Source Aljajeera
लीड्स: भारत और इंग्लैंड के बीच पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम की दिशाहीन गेंदबाजी और खराब फील्डिंग ने जसप्रीत बुमराह के शानदार प्रदर्शन को फीका कर दिया। मैच के पहले दिन, जहां एक तरफ बुमराह अपनी धारदार गेंदबाजी से इंग्लिश बल्लेबाजों को लगातार परेशान करते रहे, वहीं दूसरी तरफ बाकी गेंदबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
इंग्लैंड की पारी में कई मौकों पर भारतीय फील्डरों ने आसान कैच टपकाए, जिससे मेहमान टीम को खुलकर खेलने का मौका मिला। इन छूटे हुए कैचों का खामियाजा टीम को बड़े स्कोर के रूप में भुगतना पड़ा। अगर ये कैच पकड़ लिए जाते, तो शायद इंग्लैंड का स्कोर काफी कम होता और भारत मैच में बेहतर स्थिति में होता।
बुमराह ने अपनी कलात्मक गेंदबाजी से लगातार विकेट चटकाए और इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को झकझोर कर रख दिया। उनकी यॉर्कर और स्विंग गेंदों को खेलना इंग्लिश बल्लेबाजों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा था। हालांकि, उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया। अन्य भारतीय गेंदबाज न तो नियमित अंतराल पर विकेट ले पाए और न ही रनों पर अंकुश लगा पाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की खराब फील्डिंग और दिशाहीन गेंदबाजी से बड़े मैचों में जीत हासिल करना मुश्किल होगा। टीम को अपनी फील्डिंग और गेंदबाजी रणनीति पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। बुमराह का एकल प्रदर्शन निश्चित रूप से काबिले तारीफ था, लेकिन क्रिकेट एक टीम गेम है और टीम के सभी सदस्यों को योगदान देना होगा तभी जीत संभव है।
उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भारतीय टीम अपनी गलतियों से सबक सीखेगी और एक मजबूत वापसी करेगी।
