SOURCE NDTV World
तेल अवीव/तेहरान, 24 जून — इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, क्योंकि इजरायली सेना ने दावा किया है कि ईरान ने सोमवार तड़के एक नया मिसाइल हमला किया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने इजरायल और हमास के बीच एक “ऐतिहासिक संघर्षविराम” की घोषणा की थी और इसे पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में बड़ी जीत बताया था।
इजरायली रक्षा बल (IDF) के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने “सीधा और जानबूझकर हमला” किया, जो उत्तर इजरायल के कुछ हिस्सों में गिरा। हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इजरायल ने चेतावनी दी है कि वह इस हमले का “मुंहतोड़ जवाब” देगा।
दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया ने हमले की पुष्टि नहीं की है लेकिन कहा है कि तेहरान “किसी भी आक्रामकता का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार” है। ईरान पहले भी कई बार चेतावनी दे चुका है कि अगर इजरायल उसकी संप्रभुता या हितों पर हमला करता है, तो जवाब अत्यंत तीव्र होगा।
संघर्षविराम के बीच बढ़ता तनाव
रविवार को अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा था कि गाजा में युद्धविराम लागू हो गया है और सभी पक्षों ने इसे मानने का वादा किया है। इस घटनाक्रम को वाशिंगटन ने “ऐतिहासिक” करार दिया था। लेकिन सोमवार सुबह हुए इस कथित हमले से एक बार फिर क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल उठ गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और इजरायल के बीच इस तरह की झड़पें संघर्षविराम प्रयासों को कमजोर कर सकती हैं। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
आगे क्या?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा, “हम पर हमला करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। इजरायल अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएगा।”
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अमेरिका इस हमले के बाद भी संघर्षविराम के अपने प्रयासों को आगे बढ़ा पाएगा या पश्चिम एशिया एक बार फिर पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ रहा है।
