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नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभहांशु शुक्ला ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचने से ठीक पहले अंतरिक्ष से पृथ्वी पर अपना पहला संदेश भेजा है। उन्होंने अपने इस ऐतिहासिक पल को ‘अंतरिक्ष से नमस्कार!’ कहकर संबोधित किया, जिससे पूरे देश में उत्साह का माहौल है।
शुक्ला, जो एक्सिओम मिशन 4 (Axiom Mission 4) के तहत अंतरिक्ष यात्रा पर हैं, ने बुधवार को स्पेसएक्स (SpaceX) के ड्रैगन (Dragon) अंतरिक्ष यान से उड़ान भरी थी। आईएसएस के साथ डॉकिंग से कुछ घंटे पहले, उन्होंने एक लाइव कॉल के दौरान अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, “अंतरिक्ष से नमस्कार! मैं अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ यहां आकर रोमांचित हूं। यह एक अद्भुत यात्रा रही है।”
शुभहांशु शुक्ला ने बताया कि अंतरिक्ष में उनका अनुभव एक बच्चे की तरह सीखने जैसा है, जहां उन्हें चलना और खाना भी नए सिरे से सीखना पड़ रहा है। उन्होंने इसे भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की दिशा में एक “छोटा लेकिन स्थिर और ठोस कदम” बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य इस मिशन के माध्यम से देश में एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित करना और बच्चों में जिज्ञासा जगाना है।
ग्रुप कैप्टन शुक्ला राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। उनकी यह यात्रा 41 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान में वापसी का प्रतीक है।
उनकी यह यात्रा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), नासा (NASA) और एक्सिओम स्पेस (Axiom Space) के बीच एक महत्वपूर्ण सहयोग है। शुभहांशु शुक्ला अगले 14 दिनों तक आईएसएस पर रहेंगे, जहां वे विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों और शैक्षिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।
