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बर्फ़ के स्नान की बढ़ती लोकप्रियता – लेकिन साथ आते हैं स्वास्थ्य जोखिम

SOURCE The New Indian Express

पडरौना, उत्तर प्रदेश: हाल के वर्षों में, बर्फ़ के स्नान (Ice Baths) ने स्वास्थ्य और वेलनेस के क्षेत्र में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है। एथलीटों से लेकर आम लोगों तक, कई लोग मांसपेशियों की रिकवरी, सूजन कम करने और मानसिक स्पष्टता जैसे लाभों का दावा करते हुए ठंडे पानी में डुबकी लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर #IceBath और #ColdPlunge जैसे हैशटैग की भरमार है, जो इस चलन की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फ़ के स्नान के साथ कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जोखिम भी जुड़े हैं, जिनकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

जहां एक ओर बर्फ़ के स्नान के कई संभावित फायदे हैं, वहीं दूसरी ओर इसके खतरों को समझना भी बेहद ज़रूरी है। अचानक अत्यधिक ठंडे पानी के संपर्क में आने से शरीर पर तीव्र शारीरिक प्रतिक्रिया हो सकती है।

संभावित स्वास्थ्य जोखिम:

हाइपोथर्मिया (Hypothermia): यह सबसे बड़ा जोखिम है। लंबे समय तक ठंडे पानी में रहने से शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक गिर सकता है, जिससे कंपकंपी, भ्रम, और गंभीर मामलों में चेतना का लोप हो सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से स्वास्थ्य समस्याओं वाले व्यक्तियों में यह जोखिम अधिक होता है।

हृदय संबंधी समस्याएं (Cardiovascular Issues): ठंडे पानी में अचानक डुबकी लगाने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और हृदय गति बढ़ जाती है, जिससे रक्तचाप में वृद्धि होती है। यह हृदय रोग या उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों के लिए खतरनाक हो सकता है और हृदयघात या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकता है।

ठंडा शॉक (Cold Shock Response): ठंडे पानी में अचानक प्रवेश करने पर शरीर को “ठंडा शॉक” लग सकता है। यह अनैच्छिक रूप से सांस लेने की दर में वृद्धि (हाइपरवेंटिलेशन) और गैस्पिंग का कारण बन सकता है, जिससे पानी में डूबने का खतरा बढ़ जाता है, खासकर यदि व्यक्ति अच्छी तरह से तैराक न हो।

त्वचा और तंत्रिका क्षति (Skin and Nerve Damage): लंबे समय तक सीधे बर्फ या अत्यधिक ठंडे पानी के संपर्क में रहने से फ्रॉस्टबाइट (शीतदंश) या तंत्रिका क्षति हो सकती है, जिससे सुन्नता, झुनझुनी या दर्द हो सकता है।

अन्य संक्रमण (Other Infections): यदि पानी साफ न हो तो त्वचा में कट या घावों के माध्यम से संक्रमण का खतरा भी हो सकता है।

सावधानियां और सुरक्षित अभ्यास:

विशेषज्ञों का सुझाव है कि बर्फ़ के स्नान का प्रयास करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतनी चाहिए:

चिकित्सा सलाह लें: यदि आपको कोई अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या है, खासकर हृदय संबंधी, तो बर्फ़ के स्नान शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।

धीरे-धीरे शुरुआत करें: ठंडे पानी के प्रति अपने शरीर को धीरे-धीरे अनुकूलित करें। शुरुआत में कुछ सेकंड के लिए ही रहें और धीरे-धीरे अवधि बढ़ाएं।

सुरक्षित वातावरण: सुनिश्चित करें कि आप एक सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में बर्फ़ स्नान कर रहे हैं। यदि संभव हो तो किसी और व्यक्ति की उपस्थिति में करें।

समय सीमा: 10-15 मिनट से अधिक समय तक बर्फ़ स्नान न करें, खासकर यदि आप नए हैं।

सुनें अपने शरीर की बात: यदि आपको अत्यधिक ठंड, चक्कर आना या असहजता महसूस हो तो तुरंत बाहर निकल जाएं।

गर्म होने के तरीके: स्नान के बाद शरीर को गर्म करने के लिए गर्म कपड़े, गर्म पेय या हल्की कसरत करें।

जबकि बर्फ़ के स्नान के संभावित लाभ आकर्षक हो सकते हैं, इनके साथ जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सुरक्षित और सूचित दृष्टिकोण अपनाना ही इस चलन का हिस्सा बनने का सबसे अच्छा तरीका है

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