SOURCE Bloomberg
अहमदाबाद, एयर इंडिया के हालिया विमान दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद विमान के दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति अचानक बंद हो गई, जिसके परिणामस्वरूप कॉकपिट में भ्रम की स्थिति पैदा हुई और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (VT-ANB) के इंजनों के ‘फ्यूल कट-ऑफ स्विच’ ‘रन’ (चलने की स्थिति) से ‘कटऑफ’ (बंद) की स्थिति में चले गए थे, जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया। यह घटना एक-दूसरे से केवल एक सेकंड के अंतराल पर हुई।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग (CVR) के विश्लेषण से पता चला है कि दुर्घटना से ठीक पहले कॉकपिट में भ्रम की स्थिति थी। रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे पायलट से पूछता हुआ सुनाई देता है, “आपने ईंधन क्यों बंद कर दिया?” जिस पर दूसरा पायलट जवाब देता है, “मैंने ऐसा नहीं किया।” यह बातचीत इस बात की ओर इशारा करती है कि या तो यह अनजाने में हुई गलती थी या कोई तकनीकी खराबी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान की राम एयर टर्बाइन (RAT) तैनात हो गई, जो इंजनों से बिजली के पूर्ण नुकसान का संकेत है। हालांकि, इंजनों को दोबारा शुरू करने के प्रयास किए गए और इंजन 1 सफलतापूर्वक फिर से चालू हो गया, लेकिन इंजन 2 कई प्रयासों के बावजूद ठीक नहीं हो पाया।
जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि ये स्विच कैसे और क्यों ‘कटऑफ’ स्थिति में चले गए – क्या यह यांत्रिक खराबी, अनजाने में मानवीय इनपुट, या किसी अन्य सिस्टम की खराबी के कारण हुआ। रिपोर्ट में किसी विशेष कारण पर सीधे निष्कर्ष नहीं निकाला गया है, लेकिन कॉकपिट में हुई बातचीत और ईंधन आपूर्ति के अचानक बंद होने से दुर्घटना के पीछे के कारणों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस घटना ने विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ा दी है, खासकर इस बात को लेकर कि यदि पायलटों ने जानबूझकर ईंधन की आपूर्ति बंद नहीं की, तो यह कैसे संभव हुआ। आगे की जांच में दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगने की उम्मीद है।
