Source The Hindu
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिससे धराली गांव में हालात गंभीर हो गए हैं। खीर गंगा नदी में बादल फटने के कारण आए सैलाब के बाद से राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। ताजा जानकारी के अनुसार, बचाव दल को दो और शव मिले हैं, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। वहीं, अभी भी 100 से अधिक लोगों के लापता होने की आशंका है, जिनमें सेना के नौ जवान भी शामिल हैं।
यह आपदा मंगलवार को दोपहर के करीब धराली गांव में हुई। खीर गाड़ में जलस्तर अचानक बढ़ने से गांव का बड़ा हिस्सा मलबे और पानी की चपेट में आ गया। इस सैलाब में कई घर, दुकानें और होटल बह गए। शुरुआती रिपोर्टों में 20 से 25 होटल और होमस्टे के नष्ट होने की बात कही गई है।
आपदा की खबर मिलते ही, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की टीमें तुरंत बचाव कार्य में जुट गईं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि अब तक 190 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। हालांकि, खराब मौसम और टूटी सड़कों के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। धराली-हर्षिल मार्ग कई जगहों पर टूट गया है, जिससे रेस्क्यू टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में बाधा आ रही है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के अनुसार, लापता लोगों की तलाश के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद भी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं।
इस त्रासदी से गंगोत्री-उत्तरकाशी राष्ट्रीय राजमार्ग भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे कई श्रद्धालु गंगोत्री धाम में फंसे हुए हैं। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीमें रास्ते को खोलने के लिए लगातार काम कर रही हैं। यह आपदा उत्तराखंड में हाल के वर्षों में हुई सबसे भीषण त्रासदियों में से एक है, जिसने 2013 की केदारनाथ आपदा की यादें ताजा कर दी हैं।
