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पडरौना, उत्तर प्रदेश: भारत जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने वाला है। देश की पहली स्वदेशी रूप से निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स के लॉन्च के करीब आने के साथ ही, सरकार अब इस क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए नई परियोजनाओं का अनावरण करने की तैयारी में है।
पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को बढ़ावा देने और एक मजबूत सेमीकंडक्टर निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत, सरकार ने कई प्रोत्साहन और नीतियां पेश की हैं ताकि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके और विदेशी निर्भरता को कम किया जा सके।
पहले ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स का लॉन्च इस दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल भारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की क्षमता का प्रमाण है, बल्कि यह घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए नए अवसर भी खोलेगा। इन चिप्स का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल और औद्योगिक उपकरणों में किया जा सकेगा।
इसके अलावा, सरकार जल्द ही सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कुछ नई और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की घोषणा करने वाली है। इन परियोजनाओं में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाइयां (फैब्स), असेंबली और टेस्टिंग इकाइयां, और अनुसंधान एवं विकास केंद्र शामिल होने की संभावना है। इन पहलों का उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण के एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में यह जोर भारत की अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। एक मजबूत घरेलू सेमीकंडक्टर उद्योग न केवल आयात पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा और नवाचार को बढ़ावा देगा।
सरकार का यह प्रयास निश्चित रूप से भारत को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में देश की स्थिति को मजबूत करेगा।
