Source The Hindu
क़तर की राजधानी दोहा में गुरुवार को बड़े पैमाने पर धमाके हुए, जिसमें हमास के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने इस हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन विशेष रूप से हमास के उच्च पदस्थ नेताओं पर केंद्रित था।
इजरायली सेना ने एक बयान में कहा, “हमने दोहा में हमास के वरिष्ठ कमांडरों के खिलाफ सटीक हवाई हमला किया। इसका मकसद आतंकवादियों की योजना और संचालन क्षमताओं को समाप्त करना था।” इस हमले में कई वरिष्ठ हमास नेता घायल हुए हैं, हालांकि उनकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
वहीं, क़तर सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। क़तर के विदेश मंत्रालय ने इसे ‘कायरतापूर्ण और गैरकानूनी’ हमला करार दिया। मंत्रालय ने कहा, “यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और क़तर की संप्रभुता का उल्लंघन है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं कि वे इस हमले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें।”
दोहा में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और मौके पर आपातकालीन बल तैनात कर दिए गए हैं। क़तर ने इसके पीछे किसी भी बाहरी शक्ति की संभावित भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
हालांकि, हमास ने भी इस हमले की निंदा की है और इसे इजरायल की “सर्वग्रासी और आतंकवादी नीति” बताया। हमास के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम इस हमले को कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे और आवश्यक प्रतिक्रिया देंगे।”
इस हमले के बाद मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने शांति बनाए रखने की अपील की है और हिंसा को बढ़ावा देने से रोकने की मांग की है।
अभी तक इस हमले में कुल कितने लोग घायल या मारे गए, इसकी पूरी जानकारी नहीं मिली है। लेकिन दोहा में मौजूद कई देश के राजनयिकों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
आने वाले दिनों में इस घटना से जुड़े राजनीतिक और कूटनीतिक पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
