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हाल ही में चीन की प्रमुख तकनीकी कंपनी अलीबाबा ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रणनीति को लेकर एक बड़ी घोषणा की, जिसके बाद कंपनी के शेयर की कीमतों में उछाल देखने को मिला। अलीबाबा ने न केवल डेटा सेंटर पर अपने खर्च को बढ़ाने की योजना का खुलासा किया है, बल्कि एक बेहद शक्तिशाली एआई मॉडल ‘Qwen3-Max’ को भी लॉन्च किया है। यह कदम एआई क्षेत्र में कंपनी की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है और इसे OpenAI, Google, और DeepSeek जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा में खड़ा करता है।
अलीबाबा के सीईओ एडी वू ने कंपनी के वार्षिक अप्सरा सम्मेलन में इस योजना का खुलासा किया। हालांकि उन्होंने खर्च की सटीक राशि का उल्लेख नहीं किया, लेकिन इस घोषणा ने निवेशकों को उत्साहित कर दिया है। बताया जा रहा है कि कंपनी अगले तीन सालों में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर सकती है, जिसकी अनुमानित राशि अरबों डॉलर में हो सकती है। इस निवेश का उद्देश्य न केवल चीन में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी डेटा सेंटर के अपने नेटवर्क का विस्तार करना है। कंपनी ब्राजील, फ्रांस और नीदरलैंड में अपने पहले डेटा सेंटर खोलने की योजना बना रही है, साथ ही मैक्सिको, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और दुबई जैसे देशों में भी अपनी सुविधाओं का विस्तार करेगी।
इस विस्तार का एक प्रमुख कारण एआई क्षमताओं को विकसित करने और उसे अपने ई-कॉमर्स परिचालन के साथ एकीकृत करना है। अलीबाबा का मानना है कि एआई ही भविष्य है और यह उनके व्यापार को नए आयाम तक ले जाएगा। कंपनी ने अपने नए एआई मॉडल ‘Qwen3-Max’ को भी पेश किया है, जिसमें एक ट्रिलियन से अधिक पैरामीटर और स्वायत्त एजेंट जैसी क्षमताएं हैं। यह मॉडल अपनी उन्नत क्षमताओं के कारण ChatGPT और DeepSeek जैसे प्रतिस्पर्धियों को कड़ी टक्कर दे रहा है।
अलीबाबा का यह कदम वैश्विक एआई उद्योग में चीन की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। चीन की तकनीकी कंपनियां अब सिर्फ उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स या ई-कॉमर्स तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे एआई अनुसंधान और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अलीबाबा के इस बड़े निवेश और नए एआई मॉडल के लॉन्च ने न केवल उसके शेयरों को बढ़ावा दिया है, बल्कि पूरी एआई इंडस्ट्री में एक नई बहस छेड़ दी है।
