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भारत में हालिया सुप्रीम कोर्ट के दृश्य ने न केवल न्यायपालिका की गरिमा पर सवाल खड़े किए, बल्कि सोशल मीडिया पर सक्रिय व्यक्तियों की भूमिका पर भी बहस छेड़ दी है। इस मामले में सबसे अधिक सुर्खियों में आया नाम है अजीत भारती का, जो एक विवादास्पद यूट्यूबर एवं सोशल मीडिया आलोचक हैं।
एजे बयान के बाद विवाद शुरू
6 अक्टूबर 2025 को, सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश किशोर ने अचानक जूता फेंकने का प्रयास किया, और “सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेंगे” जैसे नारे लगाए।
कुछ ही समय बाद, अजीत भारती ने एक वीडियो और कई सोशल मीडिया पोस्ट साझा किए, जिनमें उन्होंने CJI बी.आर. गवई की तीखी आलोचना की। उन्होंने उन्हें “lousy, undeserving judge” (बेकार, अवांछित न्यायाधीश) कहा और यह भी कहा कि उन्हें अवमानना का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
उनका एक अन्य कथित बयां यह था:
> “I wanted to make a video about ‘shoes and the Chief Justice’ … Well, it seems ‘shoes’ were sticking to him ever since!”
अजीत भारती ने यह भी आरोप लगाया कि न्यायाधीश की जातीय-पृष्ठभूमि (दलित-अंबेडकरवादी) को लेकर टिप्पणियाँ की गईं।
गिरफ्तारी नहीं, पूछताछ हुई
रिपोर्ट्स के अनुसार, नोएडा पुलिस ने अजीत भारती को उनके सोशल मीडिया पोस्टों को लेकर पूछताछ के लिए बुलाया।
हालाँकि, अधिकारी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। अजीत भारती ने खुद भी एक पोस्ट में कहा: “मैं सुरक्षित हूँ। गिरफ्तारी नहीं हुई, कोई कस्टडी नहीं। पत्रकार की जिंदगी का हिस्सा है।”
कानूनी दबाव और एवज में प्रतिक्रिया
एक समाजसेवी, सूरज कुमार बौद्ध, ने अजीत भारती और एक धार्मिक प्रचारक अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ आपराधिक अवमानना (criminal contempt) की कार्रवाई की मांग की है।
बौद्ध का आरोप है कि इन व्यक्तियों की टिप्पणियाँ और प्रदर्शन न्यायपालिका के खिलाफ हिंसा को उकसाने वाली थीं।
विवाद की पृष्ठभूमि
अजीत भारती मूल रूप से बक्सराय, बिहार से हैं और स्वयं को “मीडिया पर्सनालिटी” बताते हैं।
उनका सोशल मीडिया नेटवर्क मजबूत है — उनके पास लाखों फॉलोअर हैं।
— वे पहले भी विवादों में रहे हैं, विशेषकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी की वजह से।
निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ एक विवादित टिप्पणी का नहीं है — यह भारतीय लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की सीमाएँ, और न्यायपालिका की गरिमा की सुरक्षा के बीच जटिल संतुलन का प्रतिनिधित्व है। अजीत भारती के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएँ या नहीं, यह समय ही तय करेगा।
