Source India Today
नई दिल्ली/कैलिफ़ोर्निया:
अमेरिका के नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में नई नौकरियों के लिए भारतीय कंपनियों द्वारा दायर किए गए H-1B वीजा आवेदनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में आवेदनों में 37% की कमी आई है, जो पिछले एक दशक में शीर्ष सात भारतीय आईटी फर्मों के आवेदनों में 70% की भारी गिरावट को दर्शाता है।
🇺🇸 अमेरिकी टेक कंपनियां शीर्ष पर
वहीं, अमेरिकी तकनीकी दिग्गज कंपनियों ने नए H-1B आवेदनों की मंजूरी में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
Amazon सबसे आगे रहा, जिसे 4,644 नए H-1B वीजा स्वीकृतियां मिलीं।
इसके बाद Meta Platforms (1,555), Microsoft (1,394), और Google (1,050) का स्थान रहा।
यह पहली बार है कि इन चारों अमेरिकी कंपनियों ने नए H-1B आवेदनों की मंजूरी के लिए शीर्ष चार स्थान हासिल किए हैं।
Apple भी शीर्ष 6 में शामिल है।
📊 भारतीय फर्मों की घटती संख्या
आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में आरंभिक रोजगार के लिए भारतीय फर्मों के लिए केवल 4,573 H-1B आवेदनों को मंजूरी मिली। एक दशक पहले की तुलना में यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जब भारतीय आईटी कंपनियां इन स्वीकृतियों में अग्रणी हुआ करती थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कंपनियों द्वारा अमेरिका में स्थानीय कर्मचारियों को अधिक काम पर रखने, टेक्नोलॉजी में बदलाव और अमेरिका के बाहर से काम करने की बढ़ती क्षमता के कारण नए H-1B वीजा धारकों की मांग कम हुई है।
💼 अन्य प्रमुख तथ्य
वित्त वर्ष 2025 में, नए H-1B आवेदनों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी पेशेवर, वैज्ञानिक और तकनीकी सेवाओं के क्षेत्रों से आई।
प्रारंभिक रोजगार के लिए सर्वाधिक H-1B स्वीकृतियां प्राप्त करने वाले राज्यों में कैलिफ़ोर्निया (21,559) शीर्ष पर रहा, जिसके बाद टेक्सास और न्यूयॉर्क का स्थान रहा।
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि H-1B वीजा धारक आसानी से नियोक्ता बदल रहे हैं, वित्त वर्ष 2025 में 68,000 से अधिक H-1B आवेदनों को कर्मचारियों के नई कंपनियों में जाने के लिए मंजूरी मिली।
यह वीडियो H-1B वीजा पर Amazon के शीर्ष स्थान और भारतीय आईटी कंपनियों से जुड़ी कुछ अन्य जानकारी देता है, जो इस खबर के विषय से संबंधित है: Amazon tops H-1B Visa Issuance in 2025-26 &
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