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नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को 2024 के दिल्ली में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को NIA को चार प्रमुख आरोपियों की 10 दिन की हिरासत दे दी। इन आरोपियों में एक महिला भी शामिल है, जिसे कथित तौर पर आतंकी नेटवर्क में ‘मैडम सर्जन’ के नाम से जाना जाता है।
🚨 मुख्य आरोपी और उनकी पहचान
हिरासत में लिए गए चार लोगों में से सबसे महत्वपूर्ण है शाहीन शाहिद (Shaheen Shahid), जिसे जांच एजेंसियों ने ‘मैडम सर्जन’ उपनाम दिया है। NIA के सूत्रों के अनुसार, शाहीन शाहिद कथित तौर पर इस आतंकी मॉड्यूल के वित्तपोषण और लॉजिस्टिक्स विंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी। अन्य तीन आरोपी भी ब्लास्ट की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में शामिल थे। उनकी पहचान फिलहाल जांच के संवेदनशील चरण के कारण सार्वजनिक नहीं की गई है।
⚖️ NIA ने क्या दलील दी?
NIA ने अदालत के समक्ष जोरदार तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि आरोपियों से गहन पूछताछ की आवश्यकता है ताकि पूरे आतंकी नेटवर्क, उनके विदेशी लिंक और विस्फोटकों की खरीद के स्रोत का पता लगाया जा सके। एजेंसी ने कहा कि ‘मैडम सर्जन’ सहित ये आरोपी कोड वर्ड में बात करते थे और सबूतों को मिटाने की कोशिश कर रहे थे, जिससे हिरासत में लेकर पूछताछ करना अत्यंत आवश्यक है।
🔎 आगे की जांच
NIA अब इन आरोपियों से, खासकर शाहीन शाहिद से, आतंकवादी संगठन के उच्च-पदाधिकारियों, उनके भारत में स्लीपर सेल और फंडिंग के रास्तों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने की उम्मीद कर रही है। इन 10 दिनों की हिरासत से मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है, जो दिल्ली ब्लास्ट की गुत्थी सुलझाने में मदद करेंगे।
