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नई दिल्ली, 24 सितंबर 2025 — हाल ही में हुए एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एयर इंडिया के पायलटों के संगठन ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) को पत्र लिखकर इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारी बिना पूरी जांच किए ही इस हादसे का ठीकरा पायलटों पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
पायलटों के संगठन का कहना है कि दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने लाने के लिए एक स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक जांच आयोग का गठन किया जाना चाहिए। एसोसिएशन ने पत्र में लिखा कि “यह बेहद चिंताजनक है कि जांच पूरी होने से पहले ही कुछ वरिष्ठ अधिकारी मीडिया में यह बयान दे रहे हैं कि हादसा पायलट की गलती से हुआ।”
पायलट्स बॉडी ने तर्क दिया कि विमानन दुर्घटनाओं में कई तकनीकी, परिचालन और प्रबंधन संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखना पड़ता है। ऐसे में सिर्फ पायलटों पर दोष मढ़ना न केवल गलत है बल्कि इससे जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं।
पत्र में यह भी कहा गया कि एयर इंडिया प्रबंधन और नियामक संस्थाएं अगर पहले से ही ‘पायलट एरर’ नैरेटिव को आगे बढ़ाती हैं तो इससे जांच प्रभावित हो सकती है और सच्चाई सामने आने में बाधा उत्पन्न होगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से अभी तक इस पत्र पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि हादसे की जांच नियमानुसार की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तकनीकी तथ्यों का अध्ययन किया जाएगा।
गौरतलब है कि एयर इंडिया के इस हादसे में कई यात्री घायल हुए थे और विमान को गंभीर नुकसान पहुंचा था। फिलहाल जांच दल ब्लैक बॉक्स और तकनीकी डाटा का विश्लेषण कर रहा है।
