Source Firstpost
इस्लामाबाद/बलोचिस्तान, 31 मई 2025: पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनिर के बलोचिस्तान दौरे के दौरान बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक बार फिर पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर पर कब्ज़ा कर लिया है। इस घटना ने सेना और सरकार दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, BLA के लड़ाकों ने गुरुवार रात अचानक धावा बोलते हुए शहर की कई सरकारी इमारतों और सुरक्षा चौकियों पर कब्ज़ा कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही घंटों में शहर पर विद्रोहियों का नियंत्रण स्थापित हो गया और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को पीछे हटना पड़ा।
इस घटना के समय जनरल असीम मुनिर खुद बलोचिस्तान के एक अन्य हिस्से में “शांति और विकास” कार्यक्रम के तहत दौरे पर थे। सेना प्रमुख की मौजूदगी के बावजूद BLA की यह कार्रवाई पाकिस्तानी सेना की रणनीति और खुफिया तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाती है।
BLA ने इस कार्रवाई की ज़िम्मेदारी लेते हुए एक बयान में कहा कि यह हमला “बलोच स्वतंत्रता संग्राम” का हिस्सा है और तब तक ऐसे हमले जारी रहेंगे जब तक बलोचिस्तान को आत्मनिर्णय का अधिकार नहीं मिल जाता।
पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि शहर को कब तक वापस हासिल किया जाएगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला न केवल सैन्य असफलता को उजागर करता है, बल्कि बलोचिस्तान में बढ़ते असंतोष और विद्रोह की गहराई को भी दिखाता है। जनरल असीम मुनिर के लिए यह घटना एक बड़ी राजनीतिक और रणनीतिक चुनौती बन सकती है।
