Connect with us

Hi, what are you looking for?

Technology, Finance, Business & Education News in HindiTechnology, Finance, Business & Education News in Hindi

HEADLINES

बिहार हार के बाद कांग्रेस में ‘कलह’ | अंदरूनी खेमे में बेचैनी

Source The New Indian Express

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की करारी हार, खासकर कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन (61 सीटों में से केवल 6 पर जीत) ने पार्टी के अंदरूनी खेमे में एक बार फिर बेचैनी और कलह बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, हार के कारणों की समीक्षा और शीर्ष नेतृत्व की चुनावी रणनीति पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं, जिससे पार्टी में ‘आत्मनिरीक्षण’ से अधिक ‘आरोप-प्रत्यारोप’ का माहौल बन गया है।

💥 नेतृत्व और संगठन पर सवाल

बिहार चुनाव के परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद से ही कई वरिष्ठ नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने संगठन की कमजोरी और रणनीति के अभाव पर सवाल खड़े किए हैं।

कमजोर संगठन: कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि कांग्रेस का संगठन केवल ‘कागजों पर’ है और जमीन पर काम करने वाला मजबूत ढाँचा मौजूद नहीं है।

रणनीतिक चूक: यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सीटों का बंटवारा कांग्रेस की वास्तविक क्षमता से अधिक था, और क्या शीर्ष नेतृत्व ने जमीनी हकीकत को समझने में चूक की।

प्रभारी पर निशाना: सूत्रों की मानें तो बिहार चुनाव के लिए नियुक्त किए गए एआईसीसी (AICC) महासचिव और प्रभारी केसी वेणुगोपाल की रणनीति पर भी अंदरूनी तौर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ नेताओं का मानना है कि गठबंधन (महागठबंधन) में समन्वय की कमी और सीट-शेयरिंग विवादों को सही से नहीं सुलझाया गया।

🗣️ वरिष्ठ नेताओं के ‘बगावती’ सुर

हार के बाद से ही कांग्रेस के कुछ बड़े नाम और असंतुष्ट खेमे के नेता अब खुलकर सामने आने लगे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की नीतियों और मौजूदा नेतृत्व शैली पर नाराजगी जाहिर की है।

“अगर हाईकमान अभी नहीं जागा, तो आने वाले समय में पार्टी के लिए गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।” – एक वरिष्ठ नेता (नाम न छापने की शर्त पर)।

हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने अभी तक इन ‘रुमब्लिंग्स’ पर आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मगर, जिस तरह से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सहित कई दिग्गज नेता अपनी सीटें नहीं बचा पाए, उससे स्पष्ट है कि बिहार की हार ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है।

🔮 आगे क्या?

बिहार की यह हार, आगामी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के चुनावों से पहले कांग्रेस की गठबंधन रणनीति और उसकी राष्ट्रीय विश्वसनीयता पर गहरे सवाल खड़े करती है। पार्टी के अंदरूनी सूत्र मानते हैं कि अगर जल्द ही कड़े संगठनात्मक बदलाव और एक स्पष्ट दिशा तय नहीं की गई, तो यह कलह और गहरा सकती है।

क्या कांग्रेस आलाकमान बिहार के सबक से सीख लेकर संगठन में बड़े सुधार करेगा, या अंदरूनी घमासान पार्टी की राह को और मुश्किल बनाएगा? यह देखना बाकी है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

World

Neque porro quisquam est, qui dolorem ipsum quia dolor sit amet, consectetur, adipisci velit, sed quia non numquam eius modi tempora.

Business

Quis autem vel eum iure reprehenderit qui in ea voluptate velit esse quam nihil molestiae consequatur, vel illum qui dolorem eum fugiat.

Politics

Quis autem vel eum iure reprehenderit qui in ea voluptate velit esse quam nihil molestiae consequatur, vel illum qui dolorem eum.

Finance

Neque porro quisquam est, qui dolorem ipsum quia dolor sit amet, consectetur, adipisci velit, sed quia non numquam eius modi tempora.

Copyright © 2020 ZoxPress Theme. Theme by MVP Themes, powered by WordPress.