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नई दिल्ली। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है। पार्टी ने इसे लोगों के साथ “अपमानजनक व्यवहार” करार दिया है, क्योंकि मणिपुर में हालात बिगड़ते जा रहे हैं और वहां की जनता को सहायता मिलने में 29 महीने से विलंब हो रहा है। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल राजनीतिक शोभा के लिए है, जबकि वास्तविक मदद और प्रशासनिक सुधार अभी भी लंबित हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “अगर ह्यूमन राइट्स (HR) विजिट के लिए 29 महीने की लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती है, तो प्रधानमंत्री का दौरा केवल राजनीतिक प्रचार का हिस्सा नजर आता है। इस दौरे से मणिपुर की जनता को राहत नहीं मिलेगी, बल्कि यह उनके साथ अपमान जैसा है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मणिपुर में चल रही हिंसा और अन्य सामाजिक समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि मणिपुर में लंबे समय से सुरक्षा और विकास की समस्याएं बनी हुई हैं। हिंसा, अव्यवस्था, और मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों ने क्षेत्र की स्थिति को बेहद नाजुक बना दिया है। ऐसे समय में, एक प्रभावी प्रशासनिक कदम की बजाय केवल दौरे का महत्व राजनीतिक नजर आता है।
प्रधानमंत्री के इस दौरे का समय अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह दौरा विधानसभा चुनाव से पहले मणिपुर की जनता पर प्रभाव डालने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। विपक्षी पार्टियां इसे केंद्र सरकार की असफलता की आड़ में किये जा रहे प्रचार के रूप में देख रही हैं।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह केवल दौरे तक सीमित न रहकर मणिपुर में व्यावहारिक और ठोस सुधार लागू करे ताकि वहां के लोगों को स्थायी समाधान मिल सके। पार्टी का यह भी कहना है कि मणिपुर के हालात को सुधारने के लिए शीघ्र और ईमानदार प्रयास की आवश्यकता है, न कि केवल चंद दौरे करके राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश।
