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नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (EC) सोमवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने जा रहा है, जिसमें देशव्यापी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कार्यक्रम की घोषणा होने की संभावना है। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, मतदाता सूची का यह महत्वपूर्ण पुनरीक्षण 1 नवंबर से शुरू हो सकता है।
SIR के पहले चरण में 10-15 राज्य शामिल
आयोग सोमवार को जिन SIR कार्यक्रमों की घोषणा करेगा, उसके पहले चरण में 10 से 15 राज्यों को शामिल किए जाने की संभावना है। इन राज्यों में वे राज्य भी शामिल होंगे, जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी शामिल हैं।
क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची को पूरी तरह से नया बनाने की एक प्रक्रिया है। यह वार्षिक संक्षिप्त पुनरीक्षण से अलग है, जिसमें केवल कुछ नाम जोड़े या हटाए जाते हैं। SIR के तहत, सभी पंजीकृत मतदाताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए नए गणना फॉर्म भरने होते हैं कि कोई भी योग्य नागरिक छूट न जाए और कोई भी अयोग्य व्यक्ति सूची में शामिल न हो। यह अभ्यास लगभग दो दशकों के बाद किया जा रहा है।
आयोग ने बुलाई थी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की बैठक
मतदाता सूची के इस बड़े पुनरीक्षण की तैयारियों का जायजा लेने के लिए चुनाव आयोग ने हाल ही में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के साथ दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया था। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में SIR को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
