SOURCE ANI
मुंबई, 8 जून 2025 — HDFC बैंक ने सोमवार को एक स्पष्टीकरण जारी किया है कि उनके MD और CEO, सशिधर जगदीशन, के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई है जिसे बैंक ने “frivolous” (तामझाम भरी और स्पष्ट रूप से ग़लत) करार दिया है ।
मामला क्या है?
शिकायतकर्ता: मेहता परिवार, जो 1995 में Splendour Gems Ltd. को HDFC बैंक द्वारा दिया गया लोन चूक चुका है।
FIR के कारण: आरोप है कि बैंक ने इस लोन-वसूली प्रक्रिया में अन्यायपूर्ण तरीके अपनाए हैं।
बैंक का विवरण: HDFC ने कहा कि 2004 में DRT (Debt Recovery Tribunal) ने लोन रीकवर होने का आदेश दिया था, लेकिन 31 मई, 2025 तक बकाया ₹65.22 करोड़ तक पहुंच गया ।
बैंक का पक्ष
बैंक का कहना है कि शिकायतकर्ताओं ने multiple frivolous legal steps शुरू किए हैं—क्रिमिनल शिकायत, minority petitions, regulatory complaints आदि—सभी मुकदमे या खारिज हो चुके हैं या अब भी न्यायिक प्रक्रिया में फंसे हुए हैं ।
HDFC बैंक ने MD–CEO पर लगाए आरोपों को “malicious and baseless” बताते हुए robust corporate governance और ईमानदारी पर ध्यान देने की बात कही है ।
बैंक ने स्पष्ट किया कि यह FIR लीगल तरीके से ऋण वसूलने की प्रक्रिया में बाधा डालने के उद्देश्य से दर्ज की गई, ताकि बैंक अपने कदम रोक दे ।
⚖️ आगे क्या हो सकता है?
HDFC बैंक ने कहा है कि वह सभी कानूनी विकल्पों का उपयोग करेगा—जैसे की in stock exchanges (EOD ने शेयर बाज़ार को सूचित किया है)—और इस पूरे विवाद को मुकम्मल तौर पर निराकरण करने के लिए तैयार है ।
अंतर्वस्तु:
HDFC बैंक के MD और CEO सशिधर जगदीशन के खिलाफ मेहता परिवार ने FIR दर्ज करायी है, जिसमें बैंक पर 1995 के ऋण वसूली में अनुचित कार्यवाहियों का आरोप लगाया गया है। बैंक ने आरोपों को “frivolous” और प्रतिशोधपूर्ण बताया है, और कहा है कि वह कानूनी रूप से ऋण के वसूली के सभी तरीकों का पालन करता रहेगा। बैंक का कहना है कि मेहता परिवार के कानूनी कदम सिर्फ बकाया राशि से बचने का रास्ता है। हिदायत है कि आगे बैंक इस मामले को पूर्ण रूप से कानूनी रूप से सुलझाएगा।
