Source Gadgets Now
नई दिल्ली, 16 अगस्त 2025 – गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने इंजीनियरिंग और प्रोग्रामिंग नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव ला दिया है। पिचाई ने कहा कि गूगल यह सुनिश्चित कर रहा है कि हायरिंग के दौरान उम्मीदवारों की स्किल्स का आकलन नए युग की जरूरतों के मुताबिक हो।
पिचाई ने बताया कि पहले कंपनियां केवल तकनीकी ज्ञान और कोडिंग टेस्ट के आधार पर उम्मीदवारों को चुनती थीं, लेकिन अब AI टूल्स के चलते समस्या-समाधान की क्षमता, क्रिएटिविटी और वास्तविक प्रोजेक्ट अनुभव को अधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि सिर्फ कोड लिखने की क्षमता नहीं, बल्कि AI के साथ काम करने और उसे बेहतर बनाने की क्षमता भी उम्मीदवारों में हो।”
गूगल प्रमुख ने यह भी जोड़ा कि आने वाले वर्षों में प्रोग्रामिंग नौकरियों का स्वरूप बदलेगा। अब इंजीनियर्स को केवल पारंपरिक कोडिंग ही नहीं, बल्कि मशीन लर्निंग मॉडल्स और जनरेटिव AI के साथ काम करने की समझ भी होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ गूगल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में हायरिंग पैटर्न को प्रभावित करेगा। कंपनियां अब ऐसे टैलेंट को प्राथमिकता देंगी, जो AI को एक टूल की तरह इस्तेमाल कर सके और जटिल समस्याओं के लिए नए समाधान ढूंढ सके।
पिचाई ने कहा कि गूगल लगातार इस पर काम कर रहा है कि हायरिंग प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे। साथ ही, उम्मीदवारों को यह महसूस हो कि उनकी मेहनत और वास्तविक क्षमता की पहचान की जा रही है।
टेक इंडस्ट्री के लिए पिचाई का यह बयान साफ संकेत है कि आने वाले समय में इंजीनियरिंग और प्रोग्रामिंग नौकरियों के लिए सिर्फ तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि AI के साथ काम करने की योग्यता सफलता की कुंजी बनेगी।
