Source Money control
नई दिल्ली: हाल ही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई वित्तीय सेवा प्लेटफॉर्म Groww (ग्रो) की मूल कंपनी Billionbrains Garage Ventures Ltd. के शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। लिस्टिंग के बाद शानदार उछाल के बावजूद, अब यह शेयर एक तकनीकी जाल में फंस गया है, जिसके चलते 30 लाख से अधिक शेयर नीलामी (Auction) प्रक्रिया में चले गए हैं। बाज़ार विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना एक ‘शॉर्ट-सेलर ट्रैप’ के गहराने का स्पष्ट संकेत है, जिसके कारण सटोरियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
📉 क्यों हुआ बड़ा झटका?
बुधवार (नवंबर 19, 2025) को Groww के शेयरों में अचानक बड़ी गिरावट आई और यह शेयर NSE पर 10% के लोअर सर्किट पर बंद हो गया। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मंगलवार को सामने आया NSE का डेटा है, जिसके अनुसार 30.8 लाख शेयरों की डिलीवरी फेल हो गई और ये शेयर निपटान (Settlement) के लिए ऑक्शन विंडो में भेज दिए गए।
शॉर्ट सेलर ट्रैप: लिस्टिंग के बाद Groww का शेयर IPO प्राइस ₹100 से करीब 90% तक उछल गया था। कई ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि इतनी बड़ी रैली के बाद शेयर गिरेगा, इसलिए उन्होंने ‘शॉर्ट सेलिंग’ की – यानी शेयर बेचे बिना ही उन्हें बेच दिया।
डिलीवरी में विफलता: लेकिन शेयर गिरने की बजाय और ऊपर चढ़ता गया, जिससे शॉर्ट सेलर समय पर शेयर खरीदकर डिलीवरी देने में नाकाम रहे। जिन ट्रेडर्स ने शेयर बेच दिए थे, उनके पास डिलीवरी के लिए स्टॉक नहीं थे।
कम फ्री-फ्लोट: विश्लेषकों के अनुसार, Groww में फ्री-फ्लोट केवल 7% है, यानी बाजार में कारोबार के लिए बहुत कम शेयर उपलब्ध हैं। सप्लाई की कमी के कारण स्टॉक में तेज उछाल आया और शॉर्ट सेलर्स बुरी तरह फंस गए, जिसके कारण डिलीवरी फेल हुई।
🔨 ऑक्शन का मतलब: सटोरियों को नुकसान
शेयर बाजार के नियमों के अनुसार, जब कोई ट्रेडर बेचे गए शेयरों की डिलीवरी देने में विफल रहता है, तो एक्सचेंज उन शेयरों को खरीदने के लिए अगले दिन एक अलग ‘बाय-इन ऑक्शन’ आयोजित करता है।
इस नीलामी में खरीदे गए शेयरों की कीमत अक्सर सामान्य बाजार मूल्य से अधिक प्रीमियम पर होती है।
इस प्रीमियम मूल्य का सारा बोझ और जुर्माना डिलीवरी में विफल रहने वाले शॉर्ट सेलर्स पर पड़ता है।
विश्लेषकों का कहना है कि 30 लाख से अधिक शेयरों का ऑक्शन में जाना दर्शाता है कि यह ‘शॉर्ट स्क्वीज’ (Short Squeeze) एक बड़े पैमाने पर हुआ है, जिससे शॉर्ट सेलर्स को करोड़ों का नुकसान हो सकता है।
🛑 सर्किट लिमिट में बदलाव
बाज़ार की अत्यधिक अस्थिरता को देखते हुए, एक्सचेंज ने Groww के शेयरों की सर्किट लिमिट को 20% से घटाकर 10% कर दिया है। इसका मतलब है कि अब एक दिन में यह शेयर 10% से अधिक ऊपर या नीचे नहीं जा पाएगा।
बाजार की निगाहें अब कंपनी के आगामी परिणामों और 10 दिसंबर को समाप्त होने वाले ‘लॉक-इन’ पीरियड पर टिकी हैं, जिसके बाद स्टॉक की चाल में और बदलाव आ सकता है।
क्या आप Groww के शेयर पर विश्लेषकों की पूरी रिपोर्ट जानना चाहेंगे, जिसमें संभावित लक्षित मूल्य (Target Price) शामिल हों?
