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नई दिल्ली: भारत सरकार ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की है। इस पहल के अंतर्गत, 23 मई से शुरू होने वाले 10 दिवसीय कार्यक्रम में, विभिन्न राजनीतिक दलों के 51 सांसदों की सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विश्व के प्रमुख देशों की यात्रा करेंगे।
इन प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व वरिष्ठ सांसद करेंगे:
शशि थरूर (कांग्रेस) – अमेरिका
रवि शंकर प्रसाद (भाजपा) – यूनाइटेड किंगडम
कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके) – रूस
सुप्रिया सुले (एनसीपी) – जापान
बैजयंत पांडा (भाजपा)
संजय कुमार झा (जदयू)
श्रीकांत एकनाथ शिंदे (शिवसेना)
इस पहल का समन्वय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा किया जा रहा है, जिन्होंने प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल की यात्रा की विस्तृत योजना जारी की है।
इस कूटनीतिक अभियान का उद्देश्य भारत की आतंकवाद के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति को वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत करना है। प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में कम से कम एक महिला और एक अल्पसंख्यक सांसद को शामिल किया गया है, जिससे समावेशिता और विविधता का संदेश दिया जा सके।
हालांकि, इस पहल को लेकर कांग्रेस पार्टी में असंतोष देखा गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार ने उनके द्वारा सुझाए गए प्रतिनिधियों की अनदेखी की है और शशि थरूर को प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सौंपा है, जो पार्टी की सूची में नहीं थे।
इस सर्वदलीय पहल के माध्यम से भारत विश्व समुदाय को यह संदेश देना चाहता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह एकजुट है और किसी भी प्रकार की आतंकवादी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
