Source India Today
नई दिल्ली, 29 मई 2025 — भारत ने अपने स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट ‘एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट’ (AMCA) परियोजना को हरी झंडी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने इस महत्वाकांक्षी रक्षा परियोजना के लिए ₹15,000 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। इस निर्णय से भारत अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है, जो अपनी 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का विकास और निर्माण करते हैं।
AMCA: भारत का भविष्य का लड़ाकू विमान
AMCA एक ट्विन-इंजन, मल्टी-रोल स्टेल्थ फाइटर जेट होगा, जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के सहयोग से विकसित किया जाएगा। इस विमान में उन्नत स्टेल्थ तकनीक, सुपीरियर एवियोनिक्स, और उच्च गतिशीलता जैसी विशेषताएं होंगी। AMCA का पहला प्रोटोटाइप 2026 तक तैयार होने की संभावना है, और इसका पहला परीक्षण उड़ान 2028 तक हो सकती है।
तकनीकी विशेषताएं और क्षमताएं
स्टेल्थ डिज़ाइन: AMCA में ‘S-आकार’ के एयर इंटेक्स और आंतरिक हथियार प्रणाली होगी, जिससे इसकी रडार पर पकड़ कम होगी।
इंजन: प्रारंभिक संस्करण GE-414 इंजन से लैस होगा, जबकि भविष्य में 110 kN क्षमता वाले स्वदेशी इंजन के विकास की योजना है।
हथियार प्रणाली: विमान में 1,500 किलोग्राम आंतरिक और 5,500 किलोग्राम बाहरी हथियार ले जाने की क्षमता होगी।
मिशन प्रोफाइल: AMCA को एयर सुपीरियोरिटी, ग्राउंड अटैक, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, और इंटेलिजेंस, सर्विलांस एंड रिकॉनिसेंस (ISR) जैसे मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है।
रणनीतिक महत्व
AMCA परियोजना भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देगी। इस परियोजना से न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि रक्षा उद्योग में हजारों नौकरियों का सृजन भी होगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2035 तक AMCA को पूरी तरह से सेवा में लाया जाए, जिससे भारत की वायु शक्ति में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की स्थिति
वर्तमान में अमेरिका (F-22, F-35), रूस (Su-57), और चीन (J-20) जैसे देशों के पास ही 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट हैं। AMCA के विकास के साथ, भारत इस विशिष्ट क्लब में शामिल होने की दिशा में अग्रसर है, जिससे उसकी रणनीतिक और रक्षा क्षमताएं वैश्विक स्तर पर सशक्त होंगी।
AMCA परियोजना न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगी, बल्कि देश को रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
