SOURCE NDTV SPORTS
नई दिल्ली: भारतीय फुटबॉल टीम को एएफसी एशियन कप क्वालीफायर में हांगकांग के हाथों मिली 0-1 की करारी हार के बाद देश की फुटबॉल संस्था, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) पर चौतरफा हमला हो रहा है। इस हार ने न केवल 2027 एशियन कप में भारत के क्वालीफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है, बल्कि इसने भारतीय फुटबॉल के “सिस्टम” और “कुप्रबंधन” पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया ने AIFF और उसके अध्यक्ष कल्याण चौबे पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, “कल्याण चौबे ने भारतीय फुटबॉल को बर्बाद कर दिया है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।” भूटिया ने यह भी सवाल उठाया कि खिलाड़ियों को हांगकांग के खिलाफ जीत के लिए $50,000 (लगभग 42 लाख रुपये) का बोनस देने की अचानक घोषणा क्यों की गई, जबकि खिलाड़ियों को अक्सर दैनिक भत्ता भी नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि प्रबंधन कितना “अनजान” है और कोई स्पष्ट “सिस्टम या रणनीति” नहीं है।
बेंगलुरु एफसी के मालिक पार्थ जिंदल ने भी इस हार पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए इसे “पूरी तरह से अस्वीकार्य” बताया। उन्होंने कहा कि इतने साल और पैसे खर्च करने के बाद भी भारतीय फुटबॉल के विकास के लिए यह प्रदर्शन ठीक नहीं है।
भारत को हांगकांग के नए काई टैक स्टेडियम में खेले गए मैच में अंतिम मिनट में पेनल्टी के कारण हार का सामना करना पड़ा। इस हार से भारत ग्रुप सी में सबसे नीचे आ गया है, जिसमें उसने दो मैचों में केवल एक अंक हासिल किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह हार सिर्फ एक खराब खेल का परिणाम नहीं है, बल्कि यह भारतीय फुटबॉल में चल रहे गहरे संरचनात्मक और प्रशासनिक मुद्दों को उजागर करती है। कोच के दोहरी भूमिकाओं, आई-लीग को नजरअंदाज करने और जमीनी स्तर पर विकास की कमी जैसे मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की गई है।
भारतीय फुटबॉल प्रेमियों और दिग्गजों ने AIFF में आमूलचूल बदलाव की मांग की है, ताकि भारतीय फुटबॉल को एक नई दिशा मिल सके और भविष्य में ऐसी शर्मनाक हार से बचा जा सके।
