Source HT
पडरौना, उत्तर प्रदेश: अमेरिका के एक प्रमुख पत्रकार ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तेल टैरिफ और भारत पर उनके संभावित प्रभाव को लेकर कड़ी आलोचना की है। पत्रकार ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत एक बड़ी शक्ति है और उसे अपनी तेल खरीद नीतियों को लेकर किसी के दबाव में नहीं आना चाहिए।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक तेल बाजार में भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति-मांग के समीकरणों के कारण उथल-पुथल मची हुई है। अमेरिकी पत्रकार ने विशेष रूप से “बड़ा लड़का भारत” (Big boy India) वाक्यांश का इस्तेमाल किया, यह रेखांकित करने के लिए कि भारत एक प्रमुख आर्थिक और रणनीतिक खिलाड़ी है, जो अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देगा।
ट्रंप प्रशासन ने विभिन्न देशों पर टैरिफ लगाए थे, जिसमें तेल आयातक भी शामिल थे, जिसका उद्देश्य अमेरिकी उद्योगों की रक्षा करना और व्यापार घाटे को कम करना था। हालांकि, आलोचकों का तर्क है कि ऐसे टैरिफ वैश्विक अर्थव्यवस्था को बाधित कर सकते हैं और उन देशों पर अनावश्यक दबाव डाल सकते हैं जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं।
भारत, दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक होने के नाते, अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्रोतों से तेल खरीदता है। पत्रकार की टिप्पणी इस बात पर प्रकाश डालती है कि भारत जैसे देश अपनी विदेश नीति और आर्थिक निर्णयों में स्वायत्तता बनाए रखने के लिए दृढ़ हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए किसी भी टैरिफ या प्रतिबंध का भारत की ऊर्जा रणनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन भारत ने लगातार यह संकेत दिया है कि वह अपने ऊर्जा मिश्रण में विविधता लाने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उसके नागरिकों के लिए ऊर्जा सस्ती और सुलभ रहे।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और कूटनीति में भारत का कद लगातार बढ़ रहा है, और देश वैश्विक मंच पर अपनी शर्तों पर संलग्न होने के लिए तैयार है।
