Source-THE Hindu
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर हाल ही में जारी संघर्षविराम समझौते को मजबूती देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने शनिवार को एक बड़ी कूटनीतिक पहल की घोषणा की है। सरकार ने बहुपक्षीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों को सीमावर्ती क्षेत्रों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भेजने का निर्णय लिया है, ताकि इस प्रयास को व्यापक समर्थन और मान्यता मिल सके।
गृह मंत्रालय के अनुसार, इन प्रतिनिधिमंडलों में सत्ताधारी पार्टी के साथ-साथ विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। इनका उद्देश्य संघर्षविराम के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को उजागर करना, शांति बहाली के प्रयासों को गति देना और वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान के साथ संवाद की संभावना को टटोलना है।
सरकार का कहना है कि यह पहल केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, जिससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम किया जा सके। प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह से अपने दौरे शुरू करेंगे, जिसमें वे सीमावर्ती राज्यों के स्थानीय नेताओं, सेना अधिकारियों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
इस निर्णय को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और इसे शांति प्रक्रिया की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
