नई दिल्ली/इस्लामाबाद, 10 मई 2025 — भारत और पाकिस्तान ने शनिवार को एक संयुक्त घोषणा में तत्काल प्रभाव से पूर्ण संघर्षविराम पर सहमति जताई है, जिससे दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। यह समझौता अमेरिकी मध्यस्थता के बाद संभव हुआ, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रमुख भूमिका निभाई।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “एक लंबी रात की वार्ता के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान ने पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम पर सहमति व्यक्त की है।”
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी इस समझौते की पुष्टि करते हुए कहा, “पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास किया है, बिना अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए।”
भारतीय सरकार ने भी संघर्षविराम की पुष्टि की है और संकेत दिया है कि वह हालिया हवाई संघर्ष को रोकने के लिए तैयार है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, “भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई को रोकने का निर्णय दोनों देशों के बीच आपसी सहमति से लिया गया है।”
यह संघर्षविराम हालिया तनाव के बाद आया है, जब भारतीय नियंत्रित कश्मीर में एक आतंकवादी हमले में 26 हिंदू तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिसके बाद पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन बुनियान उल मर्सूस’ के तहत भारत के पठानकोट और उधमपुर जैसे ठिकानों को निशाना बनाया।
संयुक्त राज्य अमेरिका के अलावा, चीन, जी7 देशों और सऊदी अरब ने भी इस तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने शनिवार शाम 5 बजे से सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को रोकने पर सहमति जताई है।
यह संघर्षविराम दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते की सफलता दोनों देशों की प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सतत निगरानी पर निर्भर करेगी।
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