10 मई 2025, नई दिल्ली — भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य झड़पों और कूटनीतिक तनावों के बावजूद, भारत ने अभी तक पाकिस्तान के खिलाफ आधिकारिक रूप से युद्ध की घोषणा नहीं की है। हालांकि, दोनों देशों के बीच बढ़ते संघर्ष ने क्षेत्रीय और वैश्विक चिंता को जन्म दिया है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकवादी हमले में 26 भारतीय पर्यटकों की मृत्यु हो गई थी, जिसके लिए भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार ठहराया। इसके जवाब में, भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पंजाब में नौ कथित आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। पाकिस्तान ने इन हमलों को “युद्ध का कार्य” करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
वर्तमान स्थिति
हालिया संघर्ष में दोनों पक्षों के दर्जनों नागरिकों और सैनिकों की जान गई है। सीमा क्षेत्रों में स्कूल बंद हैं, हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द की गई हैं, और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि, अब तक दोनों देशों ने पूर्ण युद्ध की घोषणा नहीं की है, और संघर्ष सीमित स्तर पर बना हुआ है।
भारत का आधिकारिक रुख
भारत के अमेरिका में राजदूत विनय क्वात्रा ने स्पष्ट किया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, न कि पाकिस्तान के खिलाफ। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाया और कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस संघर्ष में हस्तक्षेप से इनकार किया है, जबकि सऊदी अरब, ईरान और अन्य खाड़ी देशों ने मध्यस्थता की पेशकश की है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है।
निष्कर्ष
हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच पूर्ण युद्ध की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन वर्तमान स्थिति अत्यंत गंभीर है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है। आवश्यक है कि दोनों पक्ष संयम बरतें और कूटनीतिक माध्यमों से समाधान खोजें।
