Source The Indian Express
नई दिल्ली। एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए कज़ाख़स्तान को 15-0 के विशाल अंतर से मात दी। इस मुकाबले ने भारतीय खिलाड़ियों के आक्रामक खेल, टीमवर्क और गोल करने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि इस जीत में तीन खिलाड़ियों ने हैट्रिक बनाई और कुल आठ अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल दागे।
भारतीय टीम की ओर से मिडफील्ड और फॉरवर्ड लाइन का तालमेल कमाल का रहा। शुरुआती मिनट से ही भारत ने कज़ाख़स्तान पर दबाव बनाए रखा। पहले क्वार्टर में ही गोल की झड़ी लग गई जिससे विपक्षी टीम संभल ही नहीं सकी।
तीन हैट्रिक का कमाल
मैच की सबसे बड़ी खासियत रही कि भारतीय टीम के तीन खिलाड़ियों ने हैट्रिक पूरी की। हर बार जब गेंद विपक्षी डी में पहुंची, भारत ने मौके को गोल में तब्दील करने में कोई चूक नहीं की। इस प्रदर्शन ने भारतीय टीम को न केवल इस मैच में बल्कि पूरे टूर्नामेंट में खतरनाक दावेदार के रूप में पेश कर दिया है।
आठ अलग-अलग गोलस्कोरर
भारत की इस बड़ी जीत में सिर्फ एक या दो खिलाड़ियों का नहीं, बल्कि पूरी टीम का योगदान रहा। आठ अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए, जिससे यह साफ झलकता है कि भारतीय टीम किसी एक स्टार खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है। यह विविधता विपक्षी टीमों के लिए और चुनौतीपूर्ण साबित होगी।
टूर्नामेंट में बढ़त
इस शानदार जीत से भारतीय टीम ने एशिया कप में अपने गोल अंतर (गोल डिफरेंस) को काफी मजबूत कर लिया है। बड़े अंतर से मिली यह जीत नॉकआउट चरण में भारत की स्थिति को और मज़बूत करेगी। कोच और टीम प्रबंधन ने भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की और कहा कि यह जीत टीम स्पिरिट का परिणाम है।
कज़ाख़स्तान की हार
दूसरी ओर, कज़ाख़स्तान की टीम इस हार से पूरी तरह निराश नज़र आई। मैच के दौरान उनकी डिफेंस और गोलकीपिंग दोनों ही भारत की तेज़ रफ्तार और लगातार आ रहे हमलों के आगे टिक नहीं पाए।
निष्कर्ष
भारत की यह जीत न केवल स्कोरबोर्ड पर भारी-भरकम आंकड़े दिखाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि टीम में गहराई, फिटनेस और रणनीति का बेहतरीन संतुलन मौजूद है। अगर भारतीय टीम इसी लय को बरकरार रखती है, तो एशिया कप खिताब तक का सफर और आसान हो सकता है।
