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अमेरिका के डैलस एयरपोर्ट से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ भारतीय यात्रियों पर व्हीलचेयर सुविधा के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। वीडियो में दिख रहा है कि उड़ान से उतरने के बाद कई यात्री, जिन्होंने बोर्डिंग के समय व्हीलचेयर की मांग की थी, सामान्य रूप से चलकर टर्मिनल से बाहर निकलते दिखाई देते हैं।
यह वीडियो सामने आने के बाद भारतीय प्रवासी समुदाय के भीतर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने इस तरह के व्यवहार को ‘शर्मनाक’ और ‘अनुचित’ बताया है। एक यूज़र ने लिखा, “काश कह पाता कि यह गलतफ़हमी है, लेकिन इसे डिफेंड नहीं किया जा सकता।” वहीं कुछ लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट्स पर व्हीलचेयर सुविधा का गलत उपयोग पहले भी कई बार देखा गया है, जिसका असर उन लोगों पर पड़ता है जिन्हें सच में इसकी जरूरत होती है।
एयरलाइन और एयरपोर्ट स्टाफ ने जताई चिंता
एयरलाइन कर्मचारियों के अनुसार, व्हीलचेयर सहायता का दुरुपयोग बढ़ने से न सिर्फ असली जरूरतमंद यात्रियों को परेशानी होती है बल्कि ग्राउंड स्टाफ पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ जाता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई यात्री प्रतीक्षा समय कम करने या प्राथमिकता बोर्डिंग पाने के लिए व्हीलचेयर सुविधा का सहारा लेते हैं।
सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं
वीडियो पर प्रतिक्रियाओं में गुस्सा, शर्मिंदगी और चिंता का मिश्रण देखने को मिला। कुछ भारतीय प्रवासियों ने कहा कि ऐसे वीडियो भारतियों की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि अन्य ने इस बात की ओर इशारा किया कि एयरपोर्ट्स को ऐसे दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त प्रोटोकॉल की जरूरत है।
दुरुपयोग पर हो सकती है सख्ती
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट अथॉरिटीज़ को मेडिकल सत्यापन या सख्त निगरानी जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं, ताकि व्हीलचेयर सहायता सिर्फ असली जरूरतमंदों तक सीमित की जा सके।
वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि क्या सुविधाओं का ज्यादा फायदा उठाने की प्रवृत्ति, खासकर अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान, वैश्विक स्तर पर भारतीय समुदाय की छवि को प्रभावित कर रही है।
