SOURCE The Hindu
केंद्रीय मध्य पूर्व तनाव के बीच, इरान ने सोमवार शाम को अल उदीद एयर बेस (कतर) और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया। यह हमले अमेरिकी वायु हमलों के जवाब में किए गए थे, जिनमें इरानी परमाणु सुविधाएँ निशाने पर थीं ।
🔹 हमले की मुख्य जानकारी:
मिसाइल हमले में कुल 14–19 मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से कतर की वायु रक्षा प्रणाली (पैट्रियट और अन्य) ने सभी या अधिकांश मिसाइलों को रोक दिया ।
अल उदीद एयर बेस पर एक मिसाइल लगी, लेकिन किसी भी अमेरिकी या कतरी सैनिक को घायल या किसी संरचनात्मक क्षति की सूचना नहीं मिली ।
इराक के अल असद एयर बेस पर भी हमले की कोई पुष्टि नहीं हुई; वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट कहती है कि अशुद्ध सूचना के कारण हमला केवल कतर पर केंद्रित था ।
🔹 कूटनीतिक और सुरक्षा प्रतिक्रियाएँ:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान के हमले को “बहुत कमजोर प्रतिक्रिया” कहते हुए नकारा और इरान को समय पर चेतावनी देने के लिए धन्यवाद दिया ।
कतर सरकार ने मिसाइल हमले को अपनी संप्रभुता पर हमला करार दिया और वायु रक्षा प्रणालियों की सराहना की ।
इरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह खामनेई ने कहा कि “इरान कभी हार नहीं मानने वाला देश है,” और उन्होंने कहा कि अमेरिका को जवाब मिला है ।
🔹 क्षेत्रीय असर:
मिसाइल हमले के चलते कतर सहित कई देशों ने अपनी वायु सीमाएँ बंद कर दीं, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत भी शामिल हैं ।
अमेरिकी मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती को मजबूत कर रहा है, जिसमें 40,000 सैनिक और दो एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स शामिल हैं ।
🔹 आगे क्या हो सकता है:
इस हमले के बाद तनाव ज़ोर पकड़ रहा है, और माना जा रहा है कि अमेरिका इरान को तब तक दबाव में रखेगा जब तक आवश्यक हो। हालांकि अभी तक कोई प्रत्यक्ष जवाबी हमले की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अमेरिकी क्षेत्रीय तैयारियाँ बढ़ी हुई हैं।
