भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पहले सौर मिशन आदित्य-एल1 ने हाल ही में सूर्य से निकलती एक विशाल सौर ज्वाला और उससे जुड़ी तेज़ गति वाली प्लाज़्मा धारा को रिकॉर्ड किया है। यह दृश्य विशेष रूप से दुर्लभ पराबैंगनी (यूवी) प्रकाश में कैद किया गया है, जो वैज्ञानिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करता है।
इस दुर्लभ खगोलीय घटना को आदित्य-एल1 के सोलर अल्ट्रा-वॉयलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (SUIT) और विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ (VELC) ने दर्ज किया। रिकॉर्डिंग में एक शक्तिशाली सोलर फ्लेयर को देखा जा सकता है, जो कुछ ही क्षणों में तेज़ी से फैलते प्लाज़्मा के रूप में अंतरिक्ष में फैल गया।
इस घटना को वैज्ञानिक “कोरोनल मास इजेक्शन” (CME) कहते हैं, जो पृथ्वी पर प्रभाव डाल सकता है — जैसे कि सैटेलाइट संचार में व्यवधान, बिजली ग्रिड पर असर या रंगीन ध्रुवीय रोशनी।
इसरो के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह अब तक का एक बेहद उच्च गुणवत्ता वाला पराबैंगनी अवलोकन है, जो न केवल सूर्य की गतिविधियों को समझने में मदद करेगा, बल्कि भविष्य में अंतरिक्ष मौसम का पूर्वानुमान लगाने की क्षमता को भी बेहतर बनाएगा।
आदित्य-एल1 को 2 सितंबर 2023 को लॉन्च किया गया था और यह अब Lagrange Point 1 (L1) पर स्थित है, जहाँ से यह सूर्य की लगातार निगरानी कर सकता है। यह मिशन भारत को सूर्य के रहस्यों को उजागर करने की दिशा में अग्रणी बना रहा है।
