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लंदन, 22 अक्टूबर: ब्रिटेन की लग्जरी ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) पर अगस्त 2025 में हुए बड़े साइबर अटैक ने देश की अर्थव्यवस्था को लगभग 2.5 बिलियन डॉलर (₹21,000 करोड़ से अधिक) का नुकसान पहुंचाया है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले के कारण कंपनी के उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखला और बिक्री नेटवर्क पर गंभीर प्रभाव पड़ा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अगस्त में हुए रैनसमवेयर हमले के चलते JLR को अपने कई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स अस्थायी रूप से बंद करने पड़े थे, जिससे हजारों वाहनों का उत्पादन रुक गया। यह अटैक कंपनी के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर किया गया था, जिससे डेटा और लॉजिस्टिक्स सिस्टम ठप हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, इस हमले से कंपनी को सीधे तौर पर लगभग $1.2 बिलियन का नुकसान हुआ, जबकि अप्रत्यक्ष नुकसान — जैसे सप्लायर्स में देरी, डीलरशिप्स की बिक्री में गिरावट और निर्यात में बाधा — से कुल आर्थिक प्रभाव $2.5 बिलियन तक पहुंच गया।
यूके सरकार के साइबर सुरक्षा विभाग ने कहा कि यह हालिया वर्षों में ब्रिटेन की ऑटो इंडस्ट्री पर सबसे बड़ा साइबर हमला था। उन्होंने इस घटना को “wake-up call” बताया और कहा कि ऑटोमोबाइल कंपनियों को अपने साइबर सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत है।
जगुआर लैंड रोवर ने बयान जारी करते हुए कहा कि कंपनी ने “अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा उपाय” अपनाए हैं और अब उसके सभी प्लांट्स सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। कंपनी ने इस हमले के पीछे के हैकर्स की पहचान सार्वजनिक नहीं की, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग का काम था।
इस घटना के बाद ब्रिटेन की अन्य बड़ी ऑटो कंपनियों — जैसे Rolls-Royce, Bentley और Aston Martin — ने भी अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू कर दी है।
