Source Reuters
टोक्यो: जापान की निजी अंतरिक्ष कंपनी इस्पेस (ispace) को चंद्रमा पर उतरने के अपने दूसरे प्रयास में भी असफलता का सामना करना पड़ा है। कंपनी का ‘रेज़िलिएंस’ (Resilience) नामक लैंडर चंद्रमा की सतह पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
कंपनी ने शुक्रवार को पुष्टि की कि लैंडर से अंतिम चरण में संपर्क टूट गया था और बाद में संकेत मिले कि वह चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग नहीं कर पाया। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर वैज्ञानिक उपकरणों को उतारना और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए डेटा एकत्र करना था।
इससे पहले अप्रैल 2023 में ispace का पहला मिशन भी असफल हो गया था, जब उसका लैंडर चंद्रमा की सतह पर गिरकर नष्ट हो गया था।
इस्पेस के सीईओ ताकेशी हाकामाडा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने इस मिशन से बहुत कुछ सीखा है। हमारी टीम की प्रतिबद्धता और तकनीकी प्रगति उल्लेखनीय रही है, और हम आगे भी चंद्रमा पर उतरने के अपने प्रयास जारी रखेंगे।”
यह असफलता उस समय आई है जब विश्व भर में निजी कंपनियां चंद्र अभियानों में भागीदारी बढ़ा रही हैं। अमेरिका, भारत और चीन पहले ही चंद्रमा पर सफलतापूर्वक लैंडिंग कर चुके हैं, जबकि जापान की सरकारी एजेंसी JAXA ने जनवरी 2024 में SLIM मिशन की सफल लैंडिंग की थी।
ispace का यह दूसरा मिशन एक बार फिर चंद्रमा पर निजी क्षेत्र की चुनौतियों को उजागर करता है। कंपनी ने भविष्य में और मिशनों की योजना बनाई है, जिनमें तीसरा मिशन 2026 तक प्रस्तावित है।
