Source The Hindu
जम्मू-कश्मीर: कठुआ जिले में बादल फटने और भूस्खलन की दो अलग-अलग घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को हुई, जब भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन हुआ।
घटना का विवरण
कठुआ के राजबाग-घाटी इलाके के जोड घाटी गांव में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के पानी ने कई घरों को बहा दिया और सड़कों को भी नुकसान पहुंचाया। इसी बीच, जांगलोटे इलाके में भूस्खलन से दो अन्य लोगों की जान चली गई।
बचाव और राहत कार्य जारी
स्थानीय प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और सेना की संयुक्त टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है। जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने बताया कि कनेक्टिविटी कट जाने के कारण कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से बचाया जा रहा है।
रेल और सड़क यातायात प्रभावित
भारी बारिश के कारण जम्मू-पठानकोट लाइन पर ट्रेन सेवा भी प्रभावित हुई है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कठुआ और बुधी के बीच ब्रिज नंबर 43 पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिसके चलते अप-लाइन पर ट्रेन की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे यातायात बाधित हुआ है।
शोक और सहायता का आश्वासन
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और पीड़ितों के परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से अनुग्रह राशि की घोषणा की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की और केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासनदिया है।
