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कोलकाता: एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, कोलकाता के एक प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने हाल ही में हुए एक कथित गैंगरेप मामले को “गोपनीय” रखा, और कॉलेज प्रशासन को इस गंभीर घटना के बारे में मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से जानकारी मिली। इस बयान ने न केवल पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।
लॉ कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हमें यह जानकर बहुत आश्चर्य हुआ कि पुलिस ने इस मामले को हमसे साझा नहीं किया। हमें मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से इस घटना के बारे में पता चला, जिसने हमें गहरा सदमा पहुंचाया है।” उन्होंने आगे कहा कि कॉलेज प्रशासन छात्रों की सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर है और ऐसी किसी भी घटना को हल्के में नहीं लेता।
यह मामला तब सामने आया जब कुछ मीडिया आउटलेट्स ने कॉलेज से जुड़ी एक छात्रा के साथ कथित गैंगरेप की खबरें प्रकाशित कीं। इन रिपोर्टों में पुलिस जांच और पीड़िता के बयान का भी उल्लेख था। वाइस प्रिंसिपल के अनुसार, जब तक मीडिया में खबरें नहीं आईं, कॉलेज को इस घटना के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी।
इस आरोप के बाद, पुलिस पर पारदर्शिता की कमी और मामले को संभालने में लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे हैं। सवाल यह उठता है कि ऐसे संवेदनशील मामले में पुलिस ने संबंधित संस्थान को सूचित करना क्यों जरूरी नहीं समझा, खासकर जब यह घटना उनके परिसर से जुड़ी हो सकती है या उसमें उनके छात्र शामिल हों।
पीड़िता की पहचान और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस ने अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, वाइस प्रिंसिपल के बयान ने अब इस घटना को एक नया मोड़ दे दिया है और पुलिस पर दबाव बढ़ा दिया है कि वे इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़ें और स्थिति स्पष्ट करें।
कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो अपनी ओर से भी आंतरिक जांच कराएंगे। इस घटना ने कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और छात्रों में चिंता बढ़ा दी है। यह देखना बाकी है कि पुलिस इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया देती है और यह मामला आगे कैसे बढ़ता है।
