नॉर्वे, 7 जून 2025: source The Indian Express
शतरंज की दुनिया में एक बार फिर मैग्नस कार्लसन ने अपना दबदबा कायम करते हुए नॉर्वे शतरंज 2025 का खिताब जीत लिया है। यह जीत न केवल उनकी प्रतिभा का प्रतीक है, बल्कि भारतीय युवा ग्रैंडमास्टर डी गुकेश, अमेरिका के फबियानो कारुआना और हिकारू नाकामुरा के लिए गहरी निराशा का कारण भी बनी।
टूर्नामेंट के आखिरी राउंड तक मुकाबला बेहद कड़ा रहा। गुकेश शुरुआत में शानदार लय में दिखे और टूर्नामेंट जीतने के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन अंतिम कुछ राउंड में उनका प्रदर्शन गिरा और वह निर्णायक बाजियां नहीं जीत सके। इसी तरह फबियानो कारुआना और हिकारू नाकामुरा ने भी कई रोमांचक मुकाबलों में बढ़त बनाई, परन्तु अंत में वह कार्लसन की निरंतरता और अनुभव के सामने टिक नहीं सके।
कार्लसन की यह जीत उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। घरेलू जमीन पर मिली इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि वह अभी भी विश्व शतरंज के सबसे मजबूत खिलाड़ियों में से एक हैं।
“यह टूर्नामेंट बेहद कठिन था, लेकिन मैंने मानसिक रूप से खुद को तैयार रखा और हर गेम को एक चुनौती की तरह लिया,” कार्लसन ने जीत के बाद कहा।
जहां एक ओर यह जीत कार्लसन के लिए गौरव का क्षण है, वहीं दूसरी ओर यह टूर्नामेंट डी गुकेश के लिए एक सबक भी रहा, जिन्होंने पहली बार इतने बड़े स्तर पर लगातार टॉप खिलाड़ियों के खिलाफ मजबूती से प्रदर्शन किया।
निष्कर्षतः, नॉर्वे शतरंज 2025 न केवल कार्लसन की चमकदार वापसी का गवाह बना, बल्कि इसने युवा खिलाड़ियों को यह सिखाया कि शीर्ष स्तर पर स्थिरता और मानसिक मजबूती कितनी जरूरी है।
