Source Times Entertainment
नई दिल्ली: अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के समर्थन में की गई अपनी सोशल मीडिया पोस्ट को डिलीट कर दिया है। ‘सरदारजी 3’ फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर के साथ काम करने को लेकर दिलजीत पर उठे विवाद के बीच शाह ने पहले उनके पक्ष में अपनी बात रखी थी, लेकिन अब उन्होंने उस पोस्ट को हटा दिया है। पोस्ट डिलीट करने के बाद उन्होंने एक रहस्यमय नोट भी साझा किया है, जिसमें लिखा है: “भीड़ के बीच सत्य की मशाल लेकर चलना लगभग असंभव है, बिना किसी की दाढ़ी जलाए।” यह जर्मन वैज्ञानिक और दार्शनिक जॉर्ज क्रिस्टोफ लिचेनबर्ग का एक उद्धरण है।
दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सरदारजी 3’ में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर के होने के कारण भारत में काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कई भारतीय फिल्म संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने दिलजीत के इस कदम की आलोचना की है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने तो दिलजीत के बहिष्कार तक की मांग कर दी है।
इस विवाद के बीच नसीरुद्दीन शाह ने सोमवार को दिलजीत का समर्थन करते हुए अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि दिलजीत फिल्म की कास्टिंग के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि यह निर्देशक का निर्णय था। उन्होंने यह भी कहा था कि “जुमला पार्टी का गंदा चालबाज विभाग” दिलजीत पर हमला करने का मौका ढूंढ रहा था। शाह ने उन लोगों पर भी निशाना साधा था जो भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच व्यक्तिगत संपर्क खत्म करना चाहते हैं।
हालांकि, उनके इस समर्थन के बाद सोशल मीडिया पर नसीरुद्दीन शाह को भी काफी आलोचना का सामना करना पड़ा। कई यूजर्स ने उन पर ‘डरपोक’ होने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने ‘डरकर’ पोस्ट डिलीट कर दी है। भाजपा नेता राम कदम ने भी शाह के बयान को ‘हिंदू विरोधी’ और ‘असंवेदनशील’ बताते हुए माफी की मांग की थी।
फिलहाल, नसीरुद्दीन शाह की डिलीट की गई पोस्ट और उसके बाद साझा किया गया उनका क्रिप्टिक नोट इस बात का संकेत दे रहा है कि उन्होंने इस विवाद से उपजे दबाव और आलोचना के चलते यह कदम उठाया है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर कला और राष्ट्रीय भावनाओं के बीच के जटिल संबंधों को उजागर किया है।
